BIHAR NEWS : पटना की सड़कों पर रोजाना लगने वाले जाम से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक की सड़क अब पहले से ज्यादा चौड़ी और बेहतर होने वाली है। इस सड़क पर सुबह से लेकर देर रात तक वाहनों का दबाव बना रहता है। खासकर डाकबंगला, मौर्यलोक, कोतवाली और बेली रोड के आसपास पीक आवर्स में स्थिति ऐसी हो जाती है कि कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में भी लोगों को काफी समय लग जाता है। अब इस समस्या को दूर करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने सड़क चौड़ीकरण की योजना को आगे बढ़ा दिया है।
इस परियोजना पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि छठ महापर्व के तुरंत बाद सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू करने की तैयारी है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मदर इंडिया एजेंसी को सौंपी गई है। विभागीय स्तर पर प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद एजेंसी मौके पर काम शुरू कर देगी। परियोजना को पूरा करने के लिए नौ महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में आने वाले समय में राजधानी के इस व्यस्त मार्ग की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
29 करोड़ की लागत से बदलेगी सड़क की तस्वीर
डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक सड़क चौड़ीकरण की योजना को लेकर पथ निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। पहले तकनीकी बिड खोली गई और इसके बाद वित्तीय बिड की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। टेंडर प्रक्रिया के बाद मदर इंडिया एजेंसी का चयन किया गया है। अब विभाग की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार है।
स्वीकृति मिलते ही निर्माण एजेंसी काम शुरू कर देगी। इस परियोजना पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क चौड़ीकरण का काम नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की योजना है कि छठ महापर्व के तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए, ताकि निर्धारित समय के भीतर परियोजना को पूरा किया जा सके।
इस सड़क के चौड़ा होने से न केवल वाहनों के आवागमन में आसानी होगी, बल्कि आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
बिजली के खंभे हटेंगे, पेड़ों की भी होगी कटाई
सड़क चौड़ीकरण का काम केवल सड़क की मौजूदा सतह को बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लिए रास्ते में आने वाली कई बाधाओं को भी हटाना होगा। सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए कुछ पेड़ों को हटाने और उनकी छंटाई करने की भी योजना है।
इन कामों के लिए अलग से राशि निर्धारित की जाएगी। हालांकि, पेड़ों को हटाने का काम वन विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही किया जाएगा। फिलहाल वन विभाग से इसके लिए एनओसी नहीं मिली है। ऐसे में संबंधित विभागों की मंजूरी इस परियोजना के लिए अहम होगी।
बिजली के खंभों की शिफ्टिंग भी जरूरी है, क्योंकि सड़क चौड़ीकरण के दौरान इनकी वजह से निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। विभाग की कोशिश है कि निर्माण शुरू होने से पहले जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि काम के दौरान अनावश्यक देरी न हो।
गोल्फ क्लब, मौर्यलोक और कोतवाली की जमीन भी आएगी दायरे में
इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना में सबसे बड़ी चुनौती जमीन की उपलब्धता को लेकर सामने आ रही है। डाकबंगला से रुकनपुरा के बीच सड़क के किनारे कई महत्वपूर्ण संस्थान और सरकारी परिसर मौजूद हैं। सड़क को चौड़ा करने के लिए गोल्फ क्लब, मौर्यलोक परिसर और कोतवाली थाने की चहारदीवारी को भी हटाने की योजना बनाई गई है।
जानकारी के अनुसार, इन परिसरों से लगभग दो से तीन मीटर तक जमीन सड़क चौड़ीकरण के लिए ली जाएगी। इसके लिए पथ निर्माण विभाग की ओर से संबंधित विभागों और संस्थानों को औपचारिक पत्र भेजकर अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी मांगा गया है।
हालांकि, अब तक किसी भी संस्थान की ओर से आधिकारिक एनओसी नहीं मिला है। ऐसे में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों की सहमति जरूरी होगी। प्रशासनिक स्तर पर अनुमति मिलने के बाद ही जमीन से जुड़ी आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
नेहरू पथ पर रोज लगने वाले जाम से मिलेगी राहत
डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक का रास्ता राजधानी पटना के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में गिना जाता है। यह सड़क शहर के व्यावसायिक, प्रशासनिक और आवासीय इलाकों को जोड़ती है। डाकबंगला चौराहा, मौर्यलोक और कोतवाली जैसे महत्वपूर्ण स्थान इसी मार्ग पर पड़ते हैं। इसके कारण दिनभर इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
सुबह ऑफिस जाने के समय और शाम को काम से लौटने के दौरान यहां सबसे ज्यादा जाम लगता है। कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। बेली रोड और आसपास के संपर्क मार्गों पर भी इसका असर देखने को मिलता है। खासकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, ऑफिस कर्मचारियों और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।
सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे डाकबंगला से रुकनपुरा के बीच सफर करने में लगने वाला समय कम हो सकता है। साथ ही बेली रोड और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव घटाने में भी मदद मिल सकती है।
निर्माण के दौरान लोगों को हो सकती है परेशानी
सड़क चौड़ीकरण की योजना से भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। सड़क के अलग-अलग हिस्सों में काम होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। बिजली के खंभों की शिफ्टिंग, पेड़ों की कटाई और चहारदीवारी हटाने जैसे कार्यों के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है। ऐसे में जरूरी होगा कि निर्माण के दौरान यातायात को सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। ट्रैफिक पुलिस और पथ निर्माण विभाग के बीच बेहतर समन्वय से लोगों की परेशानी कम की जा सकती है।
फिलहाल 29 करोड़ रुपये की इस परियोजना से पटना के एक बड़े हिस्से को जाम से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अब सबकी नजर विभागीय प्रशासनिक स्वीकृति और छठ के बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्य पर है। अगर तय समय-सीमा में काम पूरा हो जाता है, तो डाकबंगला से रुकनपुरा तक का सफर आने वाले दिनों में पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है।





