1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 19, 2025, 7:42:15 PM
पटना न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Patna News: पटना के आलमगंज थाना अन्तर्गत वार्ड-53 में गायघाट स्थित महात्मा गांधी सेतु के नीचे और न्यायिक प्रशिक्षण केंद्र के सामने अस्थायी रूप से बनी झुग्गी-झोपड़ी में जीवन व्यतीत करने वालों के बीच एक बार फिर कोहराम मच गया है। दरअसल, आज यानि शनिवार 19 अप्रैल को जिला प्रशासन के आदेश पर पुलिस बल की मौजूदगी में अधिकारियों ने इस जगह पर बने 98 झोपड़ियों को हटा दिया है, अतिक्रमित कर बनाया गया था।
इस दौरान स्थानीय लोगों में हंगामा और चीख-पुकार मची रही। वहीं, जीवन यापन के लिए जरूरी सामानों को सुरक्षित करने में महिला, पुरुष, बच्चे सभी लगे रहे, जिससे घंटो अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दंडाधिकारी और निगम के अजीमाबाद अंचल के अतिक्रमण प्रभारी टास्क फोर्स के सदस्य अतिक्रमणकारियों को जगह खाली करने के लिए बोलते रहें। उन्होंने कहा कि इस जगह पर सड़क और अन्य निर्माण होना है।
वहीं, अतिक्रमण हटाने के लिए 21 पुरुष एवं 20 महिला पुलिस बल, तीन टीपर, तीन जेसीबी, तीन 407 टीपर, एक हाईवा और अन्य उपकरण लगाए गए थे। अनुमंडलाधिकारी सत्यम सहाय ने खाली कराए जा रहे जगह का निरीक्षण करने के दौरान बताया कि 98 झोपड़ियों को हटाया गया है। वहां निवासी में बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य सभी लोग प्रशासन के सामने रोते--गिड़गिड़ाते रह गए।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि भले ही बुलडोजर चला दो, हम मर जाएंगे लेकिन यहीं रहेंगे। हमारी चौथी पीढ़ी यहां रह रही है। पूछताछ के दौरान वृद्ध महिला ने बताया कि कांग्रेस की सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने गायघाट में महात्मा गांधी सेतु का वर्ष 1982 को उद्घाटन किया था। उससे पहले से हमारे पूर्वज सेतु के नीचे रह रहे हैं। आज बीजेपी सरकार इसी पुल के बगल में दूसरा गांधी सेतु बना रही है। हमारी झोपड़ियों को बार-बार नोच दिया जाता है। सामान तोड़ दिया जाता है। हम यहां से कहां जाएं?
वहीं, इन अतिक्रमणकारियों ने कहा कि हम वोट देते हैं। मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड सब कुछ है। हमें आज तक एक धूर जमीन सरकार ने नहीं दी, न ही पक्का मकान दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से पुनर्वास की मांग की जा रही है। इसके अलावा लोगों ने कहा कि सरकार हमें कभी इंसान नहीं समझती है हमेशा वोटर समझ कर इस्तेमाल किया जाता है।