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पटना के NSMCH में बार-बार गर्भपात से पीड़ित महिला का सफल इलाज, अब मां बनने की उम्मीद जगी

नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), पटना में बार-बार गर्भपात से पीड़ित एक महिला का सफल इलाज किया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने आधुनिक लैप्रोस्कोपी और हिस्टेरोस्कोपी सर्जरी के जरिए गर्भाशय की जन्मजात समस्या को ठीक किया।

बिहार न्यूज
जटिल सर्जरी से मिली राहत
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH) एक बार फिर उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और अनुभवी डॉक्टरों की बदौलत मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। हाल ही में अस्पताल में बार-बार गर्भपात की समस्या से जूझ रही एक महिला का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।


मरीज को पहले कई बार गर्भपात हो चुका था। NSMCH में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा की गई विस्तृत जाँच और आधुनिक जांच तकनीकों से यह पता चला कि महिला के गर्भाशय में जन्मजात संरचनात्मक समस्या थी, जिसे बाइकोर्नुएट यूटेरस / यूटेरस डिडेलफिस कहा जाता है। ऐसी स्थिति में सामान्य गर्भधारण में गंभीर कठिनाइयाँ आती हैं।


मरीज और परिजनों को पूरी जानकारी देने के बाद, अस्पताल में डायग्नोस्टिक लैप्रोस्कोपी एवं हिस्टेरोस्कोपी जैसी आधुनिक और कम चीरे वाली सर्जरी की योजना बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान यूटेरस बाइकोर्निस बाइकोलिस की पुष्टि हुई तथा गर्भाशय के अंदर मौजूद सेप्टम को सफलतापूर्वक हटाया गया। यह सेप्टम बार-बार गर्भपात का मुख्य कारण था। सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी भी प्रकार की जटिलता नहीं आई।


यह जटिल सर्जरी डॉ. बिंदु सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में डॉ. प्रियंका रानी एवं डॉ. जान्हवी द्वारा सफलतापूर्वक की गई। इस प्रक्रिया में डॉ. स्वाती एवं डॉ. अनीसा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. रंजीत एवं उनकी अनुभवी टीम ने किया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उसे बिना किसी परेशानी के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


यह मामला दर्शाता है कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उपलब्ध आधुनिक जांच सुविधाएँ, न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बार-बार गर्भपात जैसी जटिल समस्याओं का भी सफल समाधान कर रही है। ऐसे इलाज से कई परिवारों को माता-पिता बनने की नई उम्मीद जगी है।

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