1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 11, 2026, 12:07:43 PM
- फ़ोटो
NITISH KUMAR : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में आज अररिया में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं इस दौरान नीतीश कुमार ने लालू -राबड़ीशासनकाल पर सवाल उठाते हुए एक बार फिर से ऐसी बात कह गए हैं कि अब उसकी चर्चा शुरू हो गई है।
नीतीश कुमार खुद की सरकार और लालू राबड़ी शासन काल की तुलना कर रहे थे इसी दौरान उन्होंने कहा कि -आप अच्छी तरह जानिए पहले महिला का कुछ था जी, कोई पहले वाला कुछ करता था जो था कभी महिला को किया था अपने 7 साल में हट गया था तो अपनी बेटी को लगा दिया था लेकिन कहीं महिला को नहीं कुछ किया था।
दरअसल, जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सरकार के कामों की तुलना पुराने शासनकाल से कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने खास तौर पर महिलाओं के लिए किए गए कामों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं किया गया था, जबकि उनकी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इसी क्रम में उन्होंने पूर्व की सरकार पर टिप्पणी करते हुए एक ऐसी बात कह दी, जिसके बाद सियासी हलकों में चर्चा शुरू हो गई।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले के शासनकाल में महिलाओं के लिए कोई खास काम नहीं किया गया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि जो पहले मुख्यमंत्री थे, उन्होंने पद छोड़ने के बाद अपनी “बेटी” को मुख्यमंत्री बना दिया था। हालांकि, नीतीश कुमार का इशारा उस घटना की ओर था जब 1997 में चारा घोटाले के मामले में इस्तीफा देने के बाद Lalu Prasad Yadav ने अपनी पत्नी Rabri Devi को मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन बोलते समय मुख्यमंत्री की जुबान फिसल गई और उन्होंने राबड़ी देवी को लालू यादव की “बेटी” बता दिया।
ज्ञात हो कि लालू प्रसाद यादव के इस्तीफे के बाद 1997 में राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया था। उस समय यह फैसला काफी चर्चाओं में रहा था, क्योंकि राबड़ी देवी राजनीति में सक्रिय नहीं थीं। बाद में उन्होंने कई वर्षों तक बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राज्य की मुख्यमंत्री भी रहीं।
वहीं दूसरी ओर, नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान लगातार राज्य के विकास कार्यों और योजनाओं का जिक्र कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना और विकास योजनाओं की जानकारी देना बताया जा रहा है। हालांकि, इस बार जनसभा में दिया गया उनका यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।