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नीतीश पर भड़के जावेद अख्तर ने कहा-तुरंत माफी मांगिए, दुनिया भर में हो रही है बिहार के मुख्यमंत्री की चर्चा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने का मामला तूल पकड़ चुका है। मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने नीतीश की कड़ी आलोचना करते हुए तुरंत माफी मांगने को कहा है, जबकि गिरिराज सिंह और जीतन राम मांझी ने उनका समर्थन किया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 18, 2025, 5:53:52 PM

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जावेद अख्तर का कड़ा विरोध - फ़ोटो social media

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुस्लिम डॉक्टर के हिजाब खींचने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है.  अब मशहूर राइटर जावेद अख्तर ने नीतीश कुमार की हरकत का कड़ा विरोध किया है. जावेद अख्तर ने कहा है कि नीतीश कुमार को महिला डॉक्टर से तुरंत माफी मांगना चाहिये. हालांकि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार का समर्थन किया है. 


जावेद अख्तर का कड़ा विरोध

मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है “जो भी मुझे थोड़ा बहुत भी जानता है, उसे पता है कि मैं पर्दा प्रथा के कितना खिलाफ हूं, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि मैं नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ किए गए कृत्य को किसी भी तरह से स्वीकार कर लूं. मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.”


नीतीश के समर्थन में उतरे गिरिराज

उधर, एनडीए नेता नीतीश कुमार के समर्थन में उतर आये हैं. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हिजाब हटाने को सही ठहराया है. गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया है. अगर कोई नियुक्ति पत्र लेने जा रहा हो तो क्या चेहरा नहीं दिखायेगा. यह कोई इस्लामिक स्टेट है? नीतीश कुमार ने एक गार्जियन की हैसियत से काम किया. अगर आप पासपोर्ट बनाने जाते हैं या एयरपोर्ट पर जाते हैं तो चेहरा दिखाते हैं या नहीं. ये पाकिस्तान नहीं भारत है. यहां कानून का राज चलेगा और नीतीश कुमार ने सही काम किया है. 


नीतीश कुमार का इरादा सही-मांझी

वहीं, केंद्रीय मंत्री और पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भी नीतीश कुमार का समर्थन किया है. उन्होंने कहा हिजाब हटाने का काम एक्सीडेंटली ऐसा हुआ होगा. बेटी समझकर उन्होंने ऐसी चीज की होगी कि काम करने जा रहे हो तो हिजाब लगाने की क्या जरूरत है. उनका इरादा खराब नहीं था. इसे धर्म के चश्मे से नहीं देखना चाहिए.