ब्रेकिंग
Bihar News : विधायक बनते ही मैदान में उतरे प्रशांत किशोर! 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाएंगे, 3 महीने में बदलाव का बड़ा वादा"Bihar News : ईओ विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा एक्शन! CM सम्राट चौधरी ने दिए स्पीडी ट्रायल के आदेश, पत्नी ने रखीं 5 बड़ी मांगेंBihar News : 15 अगस्त से पहले बड़ा तोहफा! बिहार के 11 लाख परिवारों को मिलेगा नया राशन कार्ड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रियाBihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें मौसम विभाग की चेतावनी!सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाBihar News : विधायक बनते ही मैदान में उतरे प्रशांत किशोर! 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाएंगे, 3 महीने में बदलाव का बड़ा वादा"Bihar News : ईओ विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा एक्शन! CM सम्राट चौधरी ने दिए स्पीडी ट्रायल के आदेश, पत्नी ने रखीं 5 बड़ी मांगेंBihar News : 15 अगस्त से पहले बड़ा तोहफा! बिहार के 11 लाख परिवारों को मिलेगा नया राशन कार्ड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रियाBihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें मौसम विभाग की चेतावनी!सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्माना

नवादा वन प्रमंडल में भ्रष्टाचार को लेकर दायर PIL पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने सरकार से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

NAWADA : नवादा वन प्रमंडल में और कौआकोल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को लेकर हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते न्यायालय ने बिहार सरकार से चार हफ़्तों में जवाब मा

नवादा वन प्रमंडल में भ्रष्टाचार को लेकर दायर PIL पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने सरकार से 4 हफ्ते में मांगा जवाब
First Bihar
3 मिनट

NAWADA : नवादा वन प्रमंडल में और कौआकोल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को लेकर हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते न्यायालय ने बिहार सरकार से चार हफ़्तों में जवाब मांगा है. 


मंगलवार को पटना हाई कोर्ट ने अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज द्वारा नवादा वन प्रमंडल में और कौआकोल में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार, वनों की अवैध कटाई और नवादा डीएफओ द्वारा किये जा रहे तमाम अनियमितता को लेकर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए बिहार सरकार से चार हफ़्तों में जवाब मांगा है.


दरअसल नवादा वन प्रमंडल में वनों के क्षेत्रीय प्रभारी के रूप में अवधेश झा पर पूर्व में ही आय से अधिक सम्पति को लेकर विजिलेंस केस संख्या 1/2017 (स्पेशल केस नम्बर 16/2017) दर्ज है, जिसमे उन्हें अंतरिम राहत मिली हुई है. बावजूद उसके नवादा वन प्रमंडल जैसे महत्वपूर्ण जगह पर उनकी पोस्टिंग हुई है. जिनके कार्यो को लेकर लगातार विभिन्न स्तरों पर शिकायत होती रही है. मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही कोई जांच फाइनल स्टेज तक पहुंच पाई.


नवादा के ही रहने वाले सुशील कुमार ने जब इस मामले की शिकायत जब तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सह वन और  पर्यावरण मंत्री से किया और सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तब DFO नवादा द्वारा एक दर्जन मुकदमे फ़ाइल कर के सुशील को जेल भेजवा दिया. सुशील कुमार द्वारा दर्ज शिकायत पर 12 जून 2020 को राकेश कुमार अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) सह नोडल पदाधिकारी वन संरक्षण बिहार द्वारा सुशील कुमार से सारी जानकारी एफेडेविट के साथ मांगी गई.


इसी बीच सरकार के संयुक्त सचिव कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव द्वारा भी 17 जून 2020 को शपथ पत्र के साथ जानकारी मांगी गई.22 जून 2020 को सुशील कुमार द्वारा शपथ पत्र उपलब्ध करा दिया गया और वन विभाग के वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में एक जांच दल ने लगाए गए आरोपो के बिंदुवार जांच के लिए नवादा वन प्रमंडल का निरीक्षण किया. किंतु जांच में क्या आया इसको सार्वजनिक नही किया गया और न ही कोई संतोषप्रद जबाब दिया गया. इसी बीच सुशील कुमार जेल चले गए मामला दब गया.


आपको बता दें कि इस मामले में अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पत्र लिखा था और बाद में जनहित याचिका के माध्यम से पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.  जिसपर आज चीफ जस्टिस और जस्टिस एस कुमार ने सुनवाई करते हुए सरकार को जवाब फ़ाइल करने का आदेश दिया है.

टैग्स