Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में रिकॉर्ड आवेदन, 19 लाख नई महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना के आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने तक करीब 19 लाख नई महिलाओं ने इसमें पंजीकरण कराया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 07:59:24 AM IST

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में रिकॉर्ड आवेदन, 19 लाख नई महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

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Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana : राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई थी, जिसके बाद अब पोर्टल पर नई इंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में करीब 19 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें 14 लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों से जबकि पांच लाख महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। अब इन सभी आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद पात्र महिलाओं को योजना के अंतर्गत दस-दस हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।


ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को सफल बनाने में जीविका कर्मियों की अहम भूमिका रही। गांवों में महिलाओं से आवेदन हाथों-हाथ लिए गए और बाद में जीविका कर्मियों द्वारा इन आवेदनों की इंट्री पोर्टल पर की गई। अब जीविका ने पोर्टल पर इंट्री का कार्य भी पूरी तरह बंद कर दिया है। जिलों से प्राप्त अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण इलाकों से लगभग पांच लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं ने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया, जिससे बड़ी संख्या में शहरी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सकी।


इस योजना के तहत अब तक का रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। अब तक एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत दस-दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इनमें से करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों की हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपना छोटा रोजगार शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को दस हजार रुपये दिए जा रहे हैं, ताकि वह स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सके।


शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए योजना में एक विशेष प्रावधान किया गया है। शहरी इलाकों से जिन महिलाओं के आवेदन आए हैं, उनका अब समूह गठन किया जाएगा। प्रत्येक समूह में 12 से 15 महिलाओं को शामिल किया जाएगा और इन्हें जीविका समूह के रूप में मान्यता दी जाएगी। समूह गठन से पहले सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा। योजना की शर्तों के अनुसार, लाभ पाने के लिए महिला का जीविका सदस्य होना अनिवार्य है। सत्यापन और समूह गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं के आधार से टैग बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी।


मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को राज्य कैबिनेट से 30 अगस्त 2025 को स्वीकृति मिली थी। इसके बाद 7 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। योजना के तहत पहली बार 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 75 लाख महिलाओं के खातों में दस-दस हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की। इसके एक सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने 25 लाख महिलाओं के खातों में राशि भेजी। इसके बाद अंतिम बार 28 नवंबर को 10 लाख महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया।


सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से राज्य की महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि वे छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और आय के नए स्रोत विकसित कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सरकार का फोकस तेजी से सत्यापन, समूह गठन और भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने पर है, ताकि जल्द से जल्द नई लाभार्थी महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।