ब्रेकिंग
मां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकी

MRI करानी है तो करना होगा लंबा इंतज़ार, पटना AIIMS ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी

PATNA : बिहार में किसी को अगर कोई गंभीर बिमारी हो जाए तो उनके दिमाग में पटना एम्स का नाम सबसे पहले आता होगा। लेकिन, अब आपको एमआरआइ की जांच कराने के लिए डेढ़ से दो साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

MRI करानी है तो करना होगा लंबा इंतज़ार, पटना AIIMS ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी
First Bihar
3 मिनट

PATNA : बिहार में किसी को अगर कोई गंभीर बिमारी हो जाए तो उनके दिमाग में पटना एम्स का नाम सबसे पहले आता होगा। लेकिन, अब आपको एमआरआइ की जांच कराने के लिए डेढ़ से दो साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल, एम्स में मरीज़ों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब यहां एमआरआइ जांच के लिए लंबी वेटिंग चल रही है, जिसके कारण कई मरीज़ों को अस्पताल और एमआरआइ सेंटर में जांच कराना पड़ रहा है। 



लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण मरीज़ों को बाहर में 6 से 10 हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। आपको बता दें कि एम्स में एमआरआइ जांच के लिए 2500 से लेकर 5000 तक देने पड़ते हैं। लेकिन अभी मरीज़ो को बाहर जांच करवाने पर छह से 10 हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। एम्स में सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक 20 से 25 मरीजों की एमआरआइ जांच की जा रही है। एक एमआरआइ के लिए लगभग 40 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है, जबकि रोजाना 100 से भी ज्यादा मरीज एम्स ओपीडी में जांच के लिए आते हैं और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। 



बताया जा रहा है कि स्टाफ की कमी के कारण एमआरआइ जांच की लंबी वेटिंग आ रही है। जानकारी के मुताबिक़, फिलहाल एमआरआइ जांच करने और उसकी रिपोर्ट करने के लिए एम्स में चार ही स्टाफ मौजूद हैं। वहीं, रेडियोग्राफर स्टाफ की भी कमी है। परिजनों की शिकायत है कि वार्ड में भर्ती मरीजों को भी 10 से 15 दिन तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। 



पटना एम्स के निदेशक डॉ जीके पाल की मानें तो मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण वेटिंग मिल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसका समाधान कर लिया जायेगा। एम्स में अलग से एमआरआइ यूनिट की स्थापना की करने की तैयारी चल रही है। इससे मरीज़ों को बड़ा फायदा मिलेगा और उन्हें जांच के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। 


टैग्स