ब्रेकिंग
बिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

मशहूर शायर गुलजार का निधन, सीएम नीतीश ने जताया शोक

PATNA : कोरोना संकट महामारी के दौर में कई हस्तियों का निधन हो गया. बॉलीवुड के बाद अब साहित्य की दुनिया से एक बुरी खबर सामने आई है. कोरोना संक्रमण से उबरने के पांच दिन बाद वरिष

FirstBihar
First Bihar
2 मिनट

PATNA : कोरोना संकट महामारी के दौर में कई हस्तियों का निधन हो गया. बॉलीवुड के बाद अब साहित्य की दुनिया से एक बुरी खबर सामने आई है. कोरोना संक्रमण से उबरने के पांच दिन बाद वरिष्ठ उर्दू शायर आनंद मोहन जुत्शी उर्फ गुलजार देहलवी का निधन हो गया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मशहूर शायर पद्मश्री आनंद मोहन जुत्शी 'गुलज़ार देहलवी' के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की.


गुलजार देहलवी के निधन से लोगों में शोक की लहर है. वह एक माह बाद आयु के 94 वर्ष पूरा करने वाले थे. उनका निधन नोएडा स्थित उनके आवास पर हुआ. बीते सात जून को उनकी कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट दोबारा निगेटिव आयी थी जिसके बाद उन्हें घर वापस लाया गया था. बता दें कि आनंद मोहन का जन्म 7 जुलाई 1926 को हुआ था. उर्दू शायरी और साहित्य में योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया. साल 2009 में उन्हें मीर तकी मीर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.


मशहूर शायर गुलजार का निधन, सीएम नीतीश ने जताया शोक


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि उर्दू जुबान और शायरी को नयी ऊंचाइयां देने में गुलजार देहलवी का महत्वपूर्ण योगदान था. उर्दू शायरी और साहित्य में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. साल 2009 में उन्हें 'मीर तकी मीर पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया था. 25 मार्च, 2017 को पटना में आयोजित 'जश्न-ए-उर्दू' कार्यक्रम के दौरान उनसे मुलाकात हुई थी.


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गुलजार देहलवी मृदुलभाषी व्यक्ति थे. उनके निधन से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. नीतीश कुमार ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों, अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.