Bihar news : मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां महादलित बस्ती के ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने बस्ती में पहुंचकर न केवल मारपीट की, बल्कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र व्यवहार भी किया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए।
आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य सड़क को जाम कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने बस्ती में पहुंचकर लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे कई लोग घायल भी हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस कार्रवाई से महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने इसे पुलिसिया अत्याचार बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर घैलाढ़ की अंचलाधिकारी (CO) बंदना कुमारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
काफी देर तक चले समझाने-बुझाने और बातचीत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश धीरे-धीरे शांत हुआ। इसके बाद सड़क जाम को हटाया गया और यातायात को फिर से सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया। हालांकि, घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस पूरे मामले पर अंचलाधिकारी बंदना कुमारी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा—“हम लोगों को सूचना मिली थी कि यहां कुछ असंतोष की स्थिति बनी हुई है। हम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। लोगों ने अपनी शिकायतें रखी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।”
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है, जबकि ग्रामीण दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। पूरे इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन स्थिति पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है।





