Dalit Samagam Rally: बिहार में यह चुनावी साल है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी ताकत दिखाने में लगी हुई है। इसी कड़ी में विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की सत्ता में सहयोगी पार्टी भी अपने स्तर पर तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) ने पटना में शुक्रवार को दलित समागम आयोजित किया है।
गांधी मैदान में होने वाले इस आयोजन में बिहार के सभी जिलों से एक लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। HAM की इस रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा समेत एनडीए के कई नेताओं को न्योता भेजा गया है। इस रैली को लेकर HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि सभी जिले से दलित और वंचित जातियों के लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोगों के आने जाने, ठहरने और खाने की व्यवस्था की गई है। दलित समागम को हम सुप्रीमो जीतनराम मांझी संबोधित करेंगे।
संतोष सुमन ने दावा किया कि इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा सहित एनडीए के प्रमुख नेता शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि दलित समागम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समर्थकों का पटना आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस रैली के माध्यम से दलितों को आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक उत्थान होगा। वंचित अनुसूचित जाति मोर्चा के समर्थन से भी समर्थकों की संख्या बढ़ेगी।
मालूम हो कि, संतोष सुमन के पास तीन मंत्रालय थे। कैबिनेट विस्तार के बाद उनसे दो मंत्रालय ले लिए गए. इस पर संतोष सुमन ने कहा कि हमें पूर्व में सूचना दी गई थी और हमने भी अपनी सहमति दी थी। इसमें कोई बात नहीं है। नए मंत्रियों को मौका देने के लिए मंत्रालय की कटौती की गई इसमें मुझे कोई तकलीफ और चिंता नहीं है। संतोष सुमन ने कहा कि अगर मुझे लगता कि मेरे मान-सम्मान में ठेस पहुंचा है तो पहले भी लोगों ने देखा है कि मैंने रिजाइन दिया था। अभी ऐसी कोई बात नहीं है।





