ब्रेकिंग
औरंगाबाद में 50 हजार रुपये घूस लेते दारोगा गिरफ्तार, पोक्सो केस में फंसाने की दे रहा था धमकी, निगरानी ने दबोचा IRCTC मामले में लालू-राबड़ी और तेजस्वी को राहत नहीं, 14 अगस्त तक टला कोर्ट का आदेश; जानिए क्या है पूरा मामलादेवेश कुमार के इस्तीफे पर रोहिणी आचार्य ने कसा तंज, बोलीं- कोर्ट की फटकार के बाद आनन-फ़ानन में BJP ने 'कुर्बानी का बकरा' ढूँढ निकाला पहले हुई तीखी बहस... फिर दोस्त ने चला दी गोली! छपरा में दोस्ती का दर्दनाक अंत, युवक गंभीर हालत में रेफरकरप्शन के आरोपी DTO हुए निलंबन मुक्त...पर नहीं मिलेगी संवेनशील पोस्टिंग, GAD ने फिर किया साफ, 'कारा निदेशालय' तो दागी अफसरों को लेकर सिस्टम को दे रहा चैलेंज, जानें.... औरंगाबाद में 50 हजार रुपये घूस लेते दारोगा गिरफ्तार, पोक्सो केस में फंसाने की दे रहा था धमकी, निगरानी ने दबोचा IRCTC मामले में लालू-राबड़ी और तेजस्वी को राहत नहीं, 14 अगस्त तक टला कोर्ट का आदेश; जानिए क्या है पूरा मामलादेवेश कुमार के इस्तीफे पर रोहिणी आचार्य ने कसा तंज, बोलीं- कोर्ट की फटकार के बाद आनन-फ़ानन में BJP ने 'कुर्बानी का बकरा' ढूँढ निकाला पहले हुई तीखी बहस... फिर दोस्त ने चला दी गोली! छपरा में दोस्ती का दर्दनाक अंत, युवक गंभीर हालत में रेफरकरप्शन के आरोपी DTO हुए निलंबन मुक्त...पर नहीं मिलेगी संवेनशील पोस्टिंग, GAD ने फिर किया साफ, 'कारा निदेशालय' तो दागी अफसरों को लेकर सिस्टम को दे रहा चैलेंज, जानें....

ISM पटना के ‘दीक्षारंभ-2026’ का समापन, ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नये छात्र-छात्राओं को मिले सफलता के मंत्र

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना के दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2026’ का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार, उद्योगोन्मुख शिक्षा, संचार कौशल और नैतिक मूल्यों के साथ करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया

बिहार न्यूज
दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
7 मिनट

PATNA: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना का दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2026’ शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से बीसीए, एमसीए, बीबीए, बीसीपी और बीएजेएमसी के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत किया गया तथा उन्हें नेतृत्व, नवाचार, संचार कौशल, उद्योगोन्मुख शिक्षा और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी गई। 


इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना का दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम 'दीक्षारंभ-2026' शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 30 एवं 31 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बीसीए, एमसीए, बीबीए, बीसीपी तथा बीएजेएमसी के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आईएसएम परिवार में औपचारिक स्वागत किया गया। शैक्षणिक अभिमुखीकरण, उद्योग-जगत के विशेषज्ञों के संवाद, परिसर परिचय, छात्र सहभागिता तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सुसज्जित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, व्यावसायिक वातावरण एवं समग्र शिक्षण प्रणाली से परिचित कराया तथा उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और उद्देश्यपूर्ण जीवन के साथ अपनी उच्च शिक्षा यात्रा प्रारंभ करने के लिए प्रेरित किया।


यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम वाईस चेयरमैन, श्री देवल सिंह के नेतृत्व तथा प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार, निदेशक; प्रो. (डॉ.) विवेका नंद शर्मा, डीन एवं प्रिंसिपल; तथा प्रो. (डॉ.) स्वेता रानी, अकादमिक हेड तथा नीरू कुमारी, एडमिन एवं आईक्यूएसी समन्वयक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन बीसीए एवं एमसीए के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत विभागाध्यक्ष, प्रो. राजेश्वर दयाल के समन्वयन में किया गया, जबकि दूसरे दिन विभागाध्यक्ष, डॉ. पूजा दूबे, (प्रबंधन), श्री सुधीर कुमार सिन्हा (कॉमर्स) तथा डॉ. सुनीता के समन्वयन में बीबीए, बीसीपी एवं बीएजेएमसी के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन आयोजित किया गया।


दोनों दिनों के उद्घाटन सत्र में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, प्रशासकों, विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख अतिथियों में प्रो. (डॉ.) ए. के. नायक, पूर्व अध्यक्ष, कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) एवं प्रो-चांसलर, इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, नागालैंड; श्री नरेश नंदन, सदस्य सचिव, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन इन्क्यूबेशन सेंटर-वेंचर पार्क तथा सदस्य, गवर्निंग काउंसिल, एम्स इन्क्यूबेशन सेंटर, पटना; प्रो. विभास कुमार, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना (सीआईएमपी); श्री अनुप राज, टाटा प्ले; श्री संजय चौधरी, मार्केटिंग प्रोफेशनल; डॉ. सुभाष कृष्ण, रीजनल प्रोग्रामिंग डायरेक्टर, रेडियो सिटी; सीएस कुंदन कुमार तथा डॉ. ए. के. वर्मा, प्रोफेसर (मार्केटिंग), क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु शामिल थे।


विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए निदेशक, प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में नवाचार, रचनात्मकता तथा अनुशासित अध्ययन सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने, अनुभवात्मक शिक्षण, इंटर्नशिप एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा अपने संपूर्ण शैक्षणिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।


अकादमिक हेड, प्रो. (डॉ.) स्वेता रानी ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को आईएसएम की छात्र-केंद्रित शिक्षण प्रणाली से परिचित कराते हुए फ्लिप-मोड कक्षाओं, केस-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम, उद्योग-अकादमिक सहभागिता तथा सतत मेंटरिंग की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अभिभावकों से भी उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।


उद्घाटन सत्रों में वक्ताओं ने शिक्षा, उद्योग और व्यावसायिक जीवन के अपने समृद्ध अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। प्रो. (डॉ.) ए. के. नायक ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी शक्ति उसके विद्यार्थी होते हैं। उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), एकीकृत प्रौद्योगिकी, ब्लू टेक्नोलॉजी तथा इंडस्ट्री 4.0 जैसे उभरते क्षेत्रों की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और स्वयं को बदलती तकनीकों के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया।


द्वितीय दिवस के मुख्य वक्ता प्रो. विभास कुमार ने विद्यार्थियों को स्पष्ट दृष्टि, विश्वसनीयता और ईमानदारी के साथ उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफल पेशेवर वही बनते हैं जो समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने आईएसएम के आधुनिक अधोसंरचना एवं छात्र-केंद्रित शिक्षण वातावरण की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान देने की सलाह दी। कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को व्यावसायिक सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। 


श्री अनुप राज ने रटने की संस्कृति से आगे बढ़कर "क्या, क्यों और कैसे" पूछने की आदत विकसित करने, प्रभावी संचार कौशल, टीमवर्क और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। श्री संजय चौधरी ने व्यक्तिगत ब्रांडिंग, भावनात्मक बुद्धिमत्ता तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. ए. के. वर्मा ने अनुशासन, दृढ़ संकल्प, समर्पण और निष्ठा को व्यावसायिक सफलता का मूल मंत्र बताया। वहीं सीएस कुंदन कुमार ने उद्देश्यपूर्ण ज्ञानार्जन तथा नियमित रूप से समाचार-पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने का संदेश दिया। डॉ. सुभाष कृष्ण ने विद्यार्थियों को निरंतर पठन-पाठन, लेखन और सार्वजनिक वक्तृत्व के माध्यम से अपने संचार कौशल को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हुए इन्हें जीवनभर उपयोगी निवेश बताया।


विभागीय अभिमुखीकरण सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम, करियर की संभावनाओं तथा संस्थान की विभिन्न शैक्षणिक एवं छात्र सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। संकाय सदस्यों एवं समन्वयकों ने विभिन्न क्लबों एवं प्रकोष्ठों का परिचय कराते हुए विद्यार्थियों को नेतृत्व, सांस्कृतिक, तकनीकी एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, मीडिया स्टूडियो तथा छात्रावास का भ्रमण कराकर विद्यार्थियों को संस्थान की आधुनिक सुविधाओं से भी अवगत कराया गया।


कार्यक्रम में गायन, नृत्य एवं काव्य-पाठ जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण निर्मित किया। इन संवादात्मक गतिविधियों का संचालन बीएजेएमसी सत्र 2025–28 की छात्रा एवं मिस फ्रेशर्स मनीषा राज ने उत्साहपूर्ण एंकरिंग के साथ किया। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप नैतिक मूल्यों पर आधारित पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया।


समापन सत्र एवं धन्यवाद ज्ञापन के अवसर पर एडमिन एवं आईक्यूएसी समन्वयक नीरू कुमारी ने विद्यार्थियों को संस्थान की आचार-संहिता से परिचित कराते हुए अनुशासन, उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने का आह्वान किया।'दीक्षारंभ-2026' के सफल समापन के साथ आईएसएम, पटना ने एक बार फिर उद्योगोन्मुख, ज्ञानसम्पन्न, नैतिक मूल्यों से युक्त तथा नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण पेशेवर तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक यात्रा की प्रेरणादायी शुरुआत प्रदान करते हुए संस्थान की उस समग्र शिक्षा-दृष्टि को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जो कक्षा शिक्षण को उद्योग, नवाचार, व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण से जोड़ती है।

ISM पटना के ‘दीक्षारंभ-2026’ का समापन, ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नये छात्र-छात्राओं को मिले सफलता के मंत्र

ISM पटना के ‘दीक्षारंभ-2026’ का समापन, ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नये छात्र-छात्राओं को मिले सफलता के मंत्र

ISM पटना के ‘दीक्षारंभ-2026’ का समापन, ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नये छात्र-छात्राओं को मिले सफलता के मंत्र

ISM पटना के ‘दीक्षारंभ-2026’ का समापन, ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नये छात्र-छात्राओं को मिले सफलता के मंत्र


टैग्स