HAJIPUR: हाजीपुर समाहरणालय में सोमवार को जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (बीस सूत्री), वैशाली की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को मिल रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता का मुद्दा उठा। इस पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की मौजूदगी में मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में दौरे के दौरान लगातार लाभार्थियों से चावल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
‘चावल खाने लायक नहीं है’, जांच के दिए निर्देश
मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि लाभार्थियों को सप्लाई किए जा रहे चावल की गुणवत्ता में कमी की शिकायत गंभीर है। उन्होंने तत्काल इसकी जांच कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, “जो चावल सप्लाई कर रहे हैं, उसमें गुणवत्ता का अभाव है। चावल खाने लायक नहीं है। इसकी जांच करवाइए। हम लोग क्षेत्र में जाते हैं तो इस बात की शिकायत मिलती रहती है।”
लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जाए। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि चावल की गुणवत्ता घटिया पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। मंत्री की इस नाराजगी के बाद बैठक में खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।





