1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 22 Feb 2026 10:31:45 AM IST
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IRCTC ID Block News : ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग के दौरान शॉर्टकट अपनाना अब भारी पड़ सकता है। अगर कोई यूजर सामान्य समय से कहीं अधिक तेज गति से बुकिंग प्रक्रिया पूरी करता है या संदिग्ध तरीके से लॉगिन करता है, तो उसकी आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक की जा सकती है। भारतीय रेलवे ने दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट बुकिंग पर रोक लगाने के लिए नया एआई आधारित सिस्टम लागू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने अपनी वेबसाइट और ऐप पर एक उन्नत एआई प्रीडिक्टर सॉफ्टवेयर सक्रिय किया है। इसका उद्देश्य उन फर्जी या ऑटोमेटेड टूल्स की पहचान करना है, जिनकी मदद से कुछ लोग सेकंडों में कन्फर्म टिकट बुक कर लेते हैं। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस नई तकनीक से आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एआई सिस्टम बुकिंग के दौरान यूजर की टाइपिंग स्पीड, लॉगिन पैटर्न और डाटा एंट्री के व्यवहार का विश्लेषण करता है। यदि कोई आईडी आधे घंटे के भीतर पांच बार से अधिक लॉगिन या लॉगआउट करती है, तो उसे 24 घंटे के लिए अस्थायी रूप से बैन किया जा सकता है। इसी तरह, यदि एक ही आईडी से असामान्य संख्या में प्रयास किए जाते हैं, तो सिस्टम उसे संदिग्ध मानकर कार्रवाई कर सकता है।
रेलवे ने यह भी व्यवस्था की है कि आईपी एड्रेस और पंजीकृत मोबाइल नंबर का क्षेत्र लगभग एक जैसा होना चाहिए। यदि दोनों अलग-अलग क्षेत्रों के पाए जाते हैं, तो ट्रांजेक्शन बीच में ही रोक दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बॉट या रिमोट सॉफ्टवेयर के जरिए की जा रही बुकिंग को रोकना है।
सबसे अहम बात यह है कि अब सिस्टम यह भी पहचान लेगा कि टिकट कोई इंसान बुक कर रहा है या कोई सॉफ्टवेयर। उदाहरण के तौर पर, यदि पांच यात्रियों का नाम, उम्र और जेंडर जैसी जानकारी 4.2 सेकंड से कम समय में भर दी जाती है, तो सिस्टम उसे ‘रेड फ्लैग’ कर देगा। क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में इतनी तेजी से डाटा भर पाना संभव नहीं है। ऐसे मामलों में यूजर आईडी को ब्लॉक किया जा सकता है या अतिरिक्त वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अक्सर देखा गया है कि रात के समय या तत्काल टिकट खुलते ही कुछ यूजर थोक में नाम जोड़ते या हटाते हैं। एआई सिस्टम ऐसे व्यवहार को भी ट्रैक करेगा। यदि किसी अकाउंट से असामान्य गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर निगरानी बढ़ा दी जाएगी।
रेलवे बोर्ड का मानना है कि इस सख्ती से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी। लंबे समय से आम यात्रियों की शिकायत रही है कि टिकट खुलते ही कुछ ही सेकंड में वेटिंग या ‘नो रूम’ की स्थिति बन जाती है। नई एआई तकनीक से दलालों और फर्जी सॉफ्टवेयर पर अंकुश लगाकर वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा है कि सामान्य यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कोई यूजर स्वाभाविक तरीके से टिकट बुक करता है और नियमों का पालन करता है, तो उसकी आईडी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सॉफ्टवेयर या एजेंट का सहारा न लें और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए ही टिकट बुक करें। नई व्यवस्था लागू होने के बाद रेलवे को उम्मीद है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए लाभकारी साबित होगा।