Indian Railway : ट्रेन में गुटखा-सिगरेट बेचा तो सीधे जाएंगे जेल, रेलवे ने जारी किया यह आदेश; शुरू होगा यह अभियान

भारतीय रेलवे ने शुरू किया 15-दिन का विशेष अभियान। ट्रेनों में सिगरेट, गुटखा, तंबाकू और शराब पर कड़ी कार्रवाई। यात्रियों की गवाही पर तुरंत कार्रवाई, स्टाफ भी नहीं बचेगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 2:49:08 PM

Indian Railway : ट्रेन में गुटखा-सिगरेट बेचा तो सीधे जाएंगे जेल, रेलवे ने जारी किया यह आदेश; शुरू होगा यह अभियान

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Indian Railway : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक सख्त कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड के निदेशक लव शुक्ला के आदेश पर देशभर के सभी जोनल रेलवे में आज से 'ज्वाइंट फोर्टनाइट ड्राइव' यानी 15 दिवसीय संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया है। लगातार मिलने वाली शिकायतों के बाद रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि अब ट्रेनों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री पर कोई रियायत नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।


इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसे सिर्फ औपचारिकता नहीं माना गया है। रेलवे ने तीन प्रमुख विभागों—मैकेनिकल, कमर्शियल और रेलवे सुरक्षा बल (RPF)—का एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया है। इस टीम का काम केवल ट्रेनों के कोचों की तलाशी लेना नहीं है, बल्कि पेंट्री कारों और वेंडिंग यूनिट्स की भी अचानक और गहन जांच करना है। यदि किसी स्थान पर सिगरेट, गुटखा, तंबाकू या शराब का स्टॉक पाया जाता है, तो मौके पर ही कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


रेलवे बोर्ड ने इस बार अपने ऑनबोर्ड स्टाफ पर भी कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। हाउसकीपिंग, लिनेन स्टाफ और पैंट्री कार कर्मचारियों को जांच के दायरे में लाया गया है। कई बार देखा गया है कि आधिकारिक स्टाफ की मिलीभगत से ट्रेनों में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचती है। नए आदेश के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसे तुरंत बर्खास्त किया जाएगा और संबंधित एजेंसी को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।


इस विशेष अभियान की सबसे अहम कड़ी यात्रियों की भूमिका है। जांच के दौरान अधिकारी यात्रियों से संवाद करेंगे और ऑनबोर्ड स्टाफ की गतिविधियों पर उनका फीडबैक लेंगे। यदि कोई यात्री शिकायत करता है कि उसे स्टाफ द्वारा सिगरेट या गुटखा ऑफर किया गया या किसी ने उसके सामने नशा किया, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की गवाही को कार्रवाई का मुख्य आधार बनाया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि अभियान पूरी तरह प्रभावी हो।


रेलवे ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि वे हर दिन की गई छापेमारी, पकड़े गए सामान और गिरफ्तारी की विस्तृत रिपोर्ट सीधे बोर्ड को सौंपें। पकड़े गए व्यक्तियों के खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। इस पहल से माफियाओं में हड़कंप मचा है और आम यात्रियों के लिए सफर अब अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद जगी है।


विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का सघन अभियान न केवल अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगा, बल्कि ट्रेनों के अंदर सुरक्षा और यात्री विश्वास भी बढ़ाएगा। पिछले कुछ वर्षों में कई यात्रियों की शिकायतों के बाद रेलवे ने यह फैसला लिया है कि अब किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


रेलवे बोर्ड ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल शुरूआत है। भविष्य में नियमित और अचानक छापेमारी के साथ-साथ ऑनबोर्ड स्टाफ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यात्रियों से फीडबैक लेना और उनकी गवाही पर कार्रवाई करना इस अभियान की सबसे प्रभावी रणनीति मानी जा रही है।


इस तरह, भारतीय रेलवे ने न सिर्फ अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर शिकंजा कसने की ठोस तैयारी कर ली है, बल्कि यात्रियों को भी सफर के दौरान सुरक्षा और सुविधा का भरोसा दिया है। अब रेलयात्रा करने वाले लोग अधिक सुरक्षित वातावरण में यात्रा कर सकेंगे और ट्रेनों में अनुशासन व कानून का राज कायम होगा।