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बिहार में अवैध बालू खनन पर सख्ती: 450 घाटों पर ड्रोन से रखी जाएगी 24 घंटे नजर, सरकार ने बनाया बड़ा प्लान

Bihar illegal sand mining: बिहार सरकार अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग रोकने के लिए राज्य के करीब 450 बालू घाटों की ड्रोन से निगरानी करेगी। नई व्यवस्था के तहत लाइव मॉनिटरिंग कर संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

Bihar illegal sand mining
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar illegal sand mining: बिहार में अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग अब हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। राज्य सरकार ने करीब साढ़े चार सौ बालू घाटों की निगरानी ड्रोन कैमरों से करने की तैयारी शुरू कर दी है।


खान एवं भूतत्व विभाग उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की तर्ज पर यह नई व्यवस्था लागू करेगा। इसके लिए विभाग एक निजी एजेंसी के साथ करार करेगा, जो ड्रोन उपलब्ध कराने के साथ-साथ पूरी निगरानी प्रणाली का संचालन भी करेगी।


खनन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग का मानना है कि ड्रोन निगरानी शुरू होने के बाद अवैध खनन, तय सीमा से अधिक बालू उठाव और बिना चालान परिवहन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।


नई व्यवस्था के तहत ड्रोन के माध्यम से बालू घाटों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित जिला प्रशासन और खनन अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।


इसके अलावा ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए फोटो और वीडियो को साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई जिलों में रात के समय अवैध खनन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण प्रभावी कार्रवाई में कठिनाई हो रही थी।


सरकार का उद्देश्य बालू घाटों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व नुकसान को रोकना है। माना जा रहा है कि ड्रोन निगरानी लागू होने के बाद अवैध खनन माफियाओं पर सख्ती बढ़ेगी और घाटों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता