ब्रेकिंग
मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्र कल से शुरू, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी की सवारी के बारे में

19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आएंगी।

बिहार न्यूज
जय माता दी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

Chaitra Navratri: कल गुरुवार 19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने वाली है। कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गये हैं। पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक है। वही दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट के बीच है।


बता दें कि गुरुवार 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र इस बार 19 मार्च से लेकर 27 मार्च तक रहेगा। इस दौरान नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों का पूजा किया जाएगा। जिसकी शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ होगी। कलश स्थापना के बाद ही लोग उपवास और देवी की विधिवत पूजा शुरू करेंगे। घर में पूरे नौ दिनों तक सात्विकता और शुद्धि का ख्याल रखा जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन के बाद पारण किया जाएगा। 


देवी पुराण के अनुसार, माता रानी जब पालकी में बैठकर आती हैं, तो इसे देश-दुनिया के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता है. मान्यता है कि देवी की यह सवारी रोग-बीमारियों के फैलने का संकेत देती है. धन, कारोबार या अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी इसे अच्छा नहीं माना जाता है.


19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा डोली या पालकी में सवार होकर आने वाली हैं। नवरात्र में देवी की सवारी वार के हिसाब से तय होती है. जब भी नवरात्र गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होते हैं तो मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आती हैं।


 देवी पुराण के अनुसार, माता रानी जब पालकी में बैठकर आती हैं, तो इसे देश-दुनिया के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता है. मान्यता है कि देवी की यह सवारी रोग-बीमारियों के फैलने का संकेत देती है. धन, कारोबार या अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी इसे अच्छा नहीं माना जाता है। माता जब सोमवार-रविवार को पधारती हैं तो उनका वाहन हाथी होता है। शनिवार-मंगलवार को देवी घोड़े पर सवार होकर आती हैं। और गुरुवार-शुक्रवार देवी डोली या पालकी में बैठकर आती हैं।  बुधवार को उनका वाहन नाव या नौका माना जाता है।


नवरात्र के 9 दिन 9 देवियों की पूजा

गुरुवार, 19 मार्च - मां शैलपुत्री

शुक्रवार, 20 मार्च - मां ब्रह्मचारिणी

शनिवार, 21 मार्च - मां चंद्रघंटा

रविवार, 22 मार्च - मां कूष्मांडा

सोमवार, 23 मार्च - मां स्कंदमाता

मंगलवार, 24 मार्च - मां कात्यायनी

बुधवार, 25 मार्च - मां कालरात्रि

गुरुवार, 26 मार्च - मां महागौरी

शुक्रवार, 27 मार्च - मां सिद्धिदात्री



टैग्स