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Bihar Budget Session : 168 पाकिस्तानी आये बिहार...टूरिस्ट वीजा पर आकर कोई दूसरा कार्य तो नहीं किया ? सरकार करायेगी जांच

बिहार विधानसभा में भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज में धार्मिक यात्रा पर आने वाले 173 विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन को लेकर गृह विभाग से सवाल किया।

Bihar Budget Session :  168 पाकिस्तानी आये बिहार...टूरिस्ट वीजा पर आकर कोई दूसरा कार्य तो नहीं किया ? सरकार करायेगी जांच
Tejpratap
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Budget Session Day 5 :  बिहार विधानसभा में भाजपा के विधायक मिथिलेश तिवारी ने गृह विभाग से संबंधित गंभीर सवाल उठाए. पूछा कि धार्मिक यात्रा पर आने वाले विदेशी नागरिक किस तरह से पहचाने जाते हैं और उनका सत्यापन कैसे किया जाता है ? विधायक ने सदन में कहा कि कुछ लोग भारत में धार्मिक यात्रा पर आते हैं और इसके बाद नागरिकता हासिल कर लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे लोग आजकल कई इलाकों में आलीशान घर बना लेते हैं, जमीन-जायदाद लिखवा लेते हैं और वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लेते हैं।


विधायक तिवारी ने कहा कि उनके इलाके में मुख्य धार्मिक स्थल थावे मंदिर है, लेकिन उसके अलावा कोई और प्रमुख धार्मिक स्थल नहीं है। बावजूद इसके, कुछ विदेशी नागरिक लगातार वहां देखे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब ये लोग भारत आते हैं तो उनके बारे में आसपास के लोग जानकारी देते हैं, लेकिन उनके आने की कोई आधिकारिक रिकॉर्डिंग नहीं होती। उन्होंने गृह विभाग से जानना चाहा कि क्या ऐसे लोगों के आने-जाने के दस्तावेज़ विभाग के पास मौजूद हैं, क्या उनकी तस्वीरें ली जाती हैं और क्या इमीग्रेशन ऑफिस से उनका सत्यापन कराया जाता है।

इस पर गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में जवाब दिया कि 1995 से 2015 के बीच कुल 173 विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा पर आए थे। इनमें से अधिकांश यानी 168 लोग पाकिस्तान से थे, जबकि कुछ लोग ब्रिटेन और उज़्बेकिस्तान से आए थे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस बात की पूरी जिम्मेदारी लेती है कि टूरिस्ट वीजा पर आने वाले किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा कोई अपराधिक घटना न की जाए।


मंत्री ने बताया कि विभाग इस दिशा में सतर्क है और यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा देश में कोई गलत कार्य न हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उचित प्रक्रिया अपनाई जाती है और ऐसे सभी मामलों की निगरानी की जाती है। हालांकि, विधायक तिवारी ने सदन में यह चिंता जताई कि स्थानीय स्तर पर ऐसे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की पूरी जानकारी नहीं हो पाती और उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।


विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कोई विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा के नाम पर लंबे समय तक भारत में रहकर संपत्ति या वोटर लिस्ट में शामिल हो जाए तो उसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की कि विदेशी नागरिकों की नागरिकता और स्थायी निवास संबंधी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।


गोपालगंज मामले ने राज्य विधानसभा में विदेशी नागरिकों के सत्यापन और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर बहस को फिर से ताजा कर दिया है। भाजपा विधायक के सवालों के जवाब में गृह विभाग ने भरोसा दिलाया कि सरकार टूरिस्ट वीजा पर आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रखती है और कोई भी गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।