ब्रेकिंग
बिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

गया को रेड जोन कैसे बना दिया, बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल

PATNA : केंद्र सरकार ने बिहार के गया जिले को रेड जोन में कैसे शामिल कर लिया है. बिहार सरकार ने केंद्र से ये सवाल पूछा है. गया को रेड जोन घोषित करने पर एक सप्ताह के बाद बिहार स

FirstBihar
First Bihar
4 मिनट

PATNA : केंद्र सरकार ने बिहार के गया जिले को रेड जोन में कैसे शामिल कर लिया है. बिहार सरकार ने केंद्र से ये सवाल पूछा है. गया को रेड जोन घोषित करने पर एक सप्ताह के बाद बिहार सरकार की नींद टूटी है और उसने केंद्रीय गृह मंत्रालय से जानकारी मांगी है.


6 दिन पहले केंद्र सरकार ने जारी की थी सूची
30 अप्रैल को ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना को लेकर देश के जिलों को तीन हिस्सों में बांटने की अधिसूचना जारी की थी. देश के सारे जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांट दिया था. केंद्र ने बिहार के गया को रेड जोन में रखा था. इससे सारे लोग हैरान थे. केंद्र सरकार ने ये भी साफ कर दिया था कि कोई भी राज्य रेड जोन वाले किसी जिले को ऑरेंज या ग्रीन जोन में तब्दील नहीं कर सकता.


दरअसल हैरानी इस बात से थी कि गया बिहार में कोरोना को लेकर सबसे कम रिस्क वाले जिलों में शामिल है. गया में अब तक सिर्फ 6 पॉजिटिव मरीज पाये गये हैं. जिनमें से 5 की रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है. यानि वे कोरोना से मुक्त हो चुके हैं. सिर्फ एक एक्टीव मरीज वाले गया को रेड जोन बनाने का कारण बिहार सरकार की भी समझ से परे थे.


हैरानी इस बात की भी थी कि बिहार के कई जिलों में गया की तुलना में काफी ज्यादा कोरोना प़ॉजिटिव मरीज पाये जा चुके थे. लेकिन इसके बावजूद उन्हें ऑरेंज जोन में रख दिया गया था. मसलन नालंदा में कोरोना के 36 प़ॉजिटिव केस पाये जा चुके हैं. वहीं कैमुर में कोरोना के 31 मरीजों की पहचान हो चुकी है. गोपालंगज, मधुबनी, भोजपुर, बेगूसराय जैसे कई जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या गया से ज्यादा है. लेकिन इन तमाम जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है.


बिहार सरकार ने मांगा स्पष्टीकरण
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राज्य सरकार ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है. राज्य सरकार ने पूछा है कि गया को रेड जोन में रखने का कारण क्या है. दरअसल रेड जोन में आने वाले जिलों में कई तरह की सख्ती बरती जा रही है. वहीं ऑरेंज और ग्रीन जोन वाले जिलों में कई तरह की छूट दी गयी हैं. हालांकि बिहार सरकार ने अपने किसी जिले को ग्रीन जोन में नहीं रखा है. लेकिन ऑरेंज जोन में शामिल जिलों में कई रियायतें दी जा रही हैं. लेकिन गया के रेड जोन में रहने के कारण वहां किसी तरह की कोई छूट नहीं दी जा रही है.



टैग्स