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Bihar Viral News : गया में BDO का अनोखा अंदाज! कुर्सी छोड़ बनीं शिक्षिका, बच्चों को पढ़ाया और जमीन पर बैठकर खाया मिड डे मील

गया में BDO पूजा गहलौत का अनोखा अंदाज देखने को मिला। औचक निरीक्षण पर पहुंचीं BDO ने बच्चों को खुद पढ़ाया, संविधान और लोकतंत्र की जानकारी दी। इसके बाद वह बच्चों के साथ जमीन पर बैठीं और वही मध्यान भोजन खाया, जो स्कूल में परोसा गया था।

Bihar Viral News : गया में BDO का अनोखा अंदाज! कुर्सी छोड़ बनीं शिक्षिका, बच्चों को पढ़ाया और जमीन पर बैठकर खाया मिड डे मील
Tejpratap
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5 मिनट

Bihar Viral News :  क्या कोई अधिकारी अपनी कुर्सी छोड़कर बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई करा सकता है? क्या कोई बीडीओ सरकारी स्कूल में पहुंचकर खुद बच्चों के साथ उसी थाली में भोजन कर सकती है, जो उन्हें परोसा जाता है? गया जिले में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां खिजरसराय की बीडीओ पूजा गहलौत ने अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत लिया।

सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को करीब से समझने के लिए जब बीडीओ पूजा गहलौत शुक्रवार को मध्य विद्यालय सरैया पहुंचीं, तो उनका उद्देश्य सिर्फ औचक निरीक्षण करना था। लेकिन निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। अधिकारी की भूमिका से आगे बढ़ते हुए बीडीओ बच्चों के बीच पहुंच गईं और खुद एक घंटे तक शिक्षिका बनकर उन्हें पढ़ाया।

जब क्लासरूम में पहुंचीं BDO, तो बच्चों को मिला खास सरप्राइज

मध्य विद्यालय सरैया में अचानक बीडीओ को देखकर बच्चे पहले तो हैरान रह गए। उन्हें लगा कि अधिकारी स्कूल की व्यवस्था जांचने आई हैं, लेकिन कुछ ही देर में माहौल बदल गया। पूजा गहलौत सीधे बच्चों की कक्षा में पहुंचीं और ब्लैकबोर्ड संभाल लिया।

उन्होंने बच्चों को भारतीय संविधान, लोकतंत्र और देश की शासन व्यवस्था के बारे में सरल भाषा में समझाया। कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका जैसे कठिन विषयों को उन्होंने उदाहरणों के जरिए बच्चों के सामने रखा, ताकि वे आसानी से समझ सकें। कक्षा के दौरान बीडीओ ने बच्चों से कई सवाल भी पूछे। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने उनकी जमकर सराहना की। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर अलग ही खुशी दिखाई दी।

सिर्फ निरीक्षण नहीं, बच्चों के बीच बैठकर जाना स्कूल का हाल

पढ़ाई कराने के बाद बीडीओ पूजा गहलौत ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे देश का भविष्य हैं। इसलिए उनकी शिक्षा की गुणवत्ता और नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

BDO ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों को बेहतर माहौल मिले और पढ़ाई के स्तर में लगातार सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल स्कूल भवन होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलना सबसे जरूरी है।

सवाल उठा- क्या अधिकारी ऐसे ही बदल सकते हैं सरकारी स्कूलों की तस्वीर?

मध्य विद्यालय सरैया में बीडीओ का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर अधिकारी निरीक्षण के दौरान सिर्फ रजिस्टर और व्यवस्थाओं की जांच करते नजर आते हैं, लेकिन पूजा गहलौत ने बच्चों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की। उनका मानना है कि जब अधिकारी खुद जमीनी स्तर पर जाकर स्थिति को देखेंगे, तभी सरकारी योजनाओं का सही लाभ बच्चों तक पहुंच पाएगा।

बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाया मध्यान भोजन

निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने सिर्फ पढ़ाई ही नहीं कराई, बल्कि मध्यान भोजन योजना की हकीकत भी जानी। भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए वह खुद बच्चों के साथ जमीन पर पंक्ति में बैठ गईं। उन्होंने वही खाना खाया, जो उस दिन स्कूल के बच्चों को परोसा गया था। इस दौरान उन्होंने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और स्कूल की अन्य सुविधाओं को लेकर बातचीत भी की। बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर भोजन करने का यह दृश्य देखकर स्कूल के शिक्षक और स्थानीय लोग भी प्रभावित हुए।

BDO पूजा गहलौत ने बताया अपना उद्देश्य

बीडीओ पूजा गहलौत ने कहा कि सरकारी विद्यालय केवल पढ़ाई कराने की जगह नहीं हैं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण की मजबूत नींव हैं। प्रशासन की कोशिश है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक भोजन मिले।उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए प्रशासन, शिक्षक और अभिभावकों सभी को मिलकर काम करना होगा। गया के खिजरसराय स्थित मध्य विद्यालय सरैया की यह तस्वीर यही संदेश देती है कि जब अधिकारी जमीन से जुड़कर काम करते हैं, तो बदलाव की उम्मीद और मजबूत होती है।