ब्रेकिंग
सारण के माही नदी का तटबंध टूटने से 8 गांव प्रभावित, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लिया जायजाबारिश के बीच तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंकापूर्णिया में CSP संचालकों पर SSP सख्त, सुरक्षा को लेकर हुई अहम बैठक; दिए गए कई कड़े निर्देशमुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर गंगा, शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी; बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्टबिहार में बाढ़ को लेकर मीसा भारती का सरकार पर तीखा हमला, बोलीं- पूरी तरह फेल हो गई सम्राट सरकारसारण के माही नदी का तटबंध टूटने से 8 गांव प्रभावित, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने लिया जायजाबारिश के बीच तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंकापूर्णिया में CSP संचालकों पर SSP सख्त, सुरक्षा को लेकर हुई अहम बैठक; दिए गए कई कड़े निर्देशमुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर गंगा, शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी; बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्टबिहार में बाढ़ को लेकर मीसा भारती का सरकार पर तीखा हमला, बोलीं- पूरी तरह फेल हो गई सम्राट सरकार

Bihar Flood Alert : अगले 1-3 दिन बेहद अहम! गांधी घाट के बाद हाथीदह में HFL पार करने का खतरा, इन इलाकों पर नजर; बेगूसराय से कटिहार तक बढ़ी चिंता

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर HFL पार कर गया है। अब पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम की ओर बढ़ रहा है। अगले 1-3 दिनों में हाथीदह में पुराना HFL पार होने की आशंका है। बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में सतर्कता बढ़ी।

Bihar Flood Alert
Bihar Flood Alert
© AI
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Flood Alert : बिहार में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर अब डाउनस्ट्रीम इलाकों के लिए चिंता का कारण बन गया है। राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level-HFL) को पार कर चुका है। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने गंगा के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के मुताबिक गांधी घाट पर बढ़े जलस्तर का असर अगले 1 से 3 दिनों के भीतर हाथीदह और उसके आगे के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि हाथीदह में गंगा का जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को भी पार कर सकता है। ऐसे में बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिले के गंगा किनारे बसे इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

गांधी घाट का पानी बढ़ा, अब डाउनस्ट्रीम पर नजर

जल संसाधन विभाग की ओर से जारी चेतावनी संवाद में कहा गया है कि गांधी घाट पर बढ़े जलस्तर की लहर अब धीरे-धीरे डाउनस्ट्रीम की तरफ बढ़ रही है। इसी को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की भी नियमित निगरानी करने को कहा गया है। विभाग का जोर इस बात पर है कि किसी भी संभावित खतरे के सामने आने से पहले एहतियाती कदम उठा लिए जाएं।

हाथीदह पर बढ़ सकता है दबाव

गांधी घाट पर HFL पार होने के बाद अब निगाहें हाथीदह पर टिक गई हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार अगले एक से तीन दिनों में गंगा के बढ़े जलस्तर का प्रभाव हाथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर दिखाई दे सकता है। हाथीदह में पुराने HFL को पार करने की संभावना को देखते हुए आसपास के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जा रही है। इसका असर खास तौर पर बेगूसराय और लखीसराय के नदी किनारे वाले इलाकों पर पड़ सकता है। इसके अलावा मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में भी प्रशासन को विशेष निगरानी रखने की सलाह दी गई है।

तटबंधों और निचले इलाकों की होगी निगरानी

विभाग ने संबंधित अधिकारियों को सिर्फ नदी के जलस्तर पर ही नहीं, बल्कि तटबंधों और संवेदनशील स्थलों पर भी लगातार नजर रखने को कहा है। निचले इलाकों में पानी के संभावित फैलाव को देखते हुए स्थानीय स्तर पर जरूरी एहतियाती तैयारियां पहले से करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी विभागीय और क्षेत्रीय अभियंताओं को संसाधनों और मशीनरी को तैयार स्थिति में रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

नदी के पास जाने से बचें, नावों पर भी निगरानी

जल संसाधन विभाग ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के करीब नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन को नावों के परिचालन पर भी नजर रखने को कहा गया है। खास तौर पर नावों में ओवरलोडिंग रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। प्रशासन को लगातार सूचना उपलब्ध कराकर लोगों को जागरूक रखने का भी परामर्श दिया गया है।

अगले 1-3 दिन बेहद अहम

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले एक से तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। गांधी घाट पर HFL पार करने के बाद पानी का दबाव अब डाउनस्ट्रीम की ओर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में हाथीदह और उसके बाद के गेज स्टेशनों पर जलस्तर में होने वाले बदलाव पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

फिलहाल जल संसाधन विभाग ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। खासकर गंगा किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच अब सवाल यही है कि गांधी घाट के बाद हाथीदह में पानी कितना ऊपर जाता है और इसका असर डाउनस्ट्रीम के इलाकों पर कितना पड़ता है। आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।