ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

BIHAR: जानिए फाइनल वोटर लिस्ट में छूटा हो आपका नाम तो क्या करें....', बिहार में अंतिम मतदाता सूची आज होगी जारी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन मंगलवार को होगा। चुनाव आयोग ने बताया कि इसमें 7.24 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं। नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची ऑनलाइन जारी की जाएगी।

BIHAR: जानिए फाइनल वोटर लिस्ट में छूटा हो आपका नाम तो क्या करें....', बिहार में अंतिम मतदाता सूची आज होगी जारी
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Voter List : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा होने जा रहा है। मंगलवार को राज्य में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से यह सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ‘eci.net’ पर आसानी से देख सकेंगे। इसके साथ ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कार्यालयों में भी सूची की भौतिक प्रति उपलब्ध रहेगी।


राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन्हें यह प्रति सॉफ्ट कॉपी के रूप में नि:शुल्क दी जाएगी, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।



बिहार की इस अंतिम मतदाता सूची में 7.24 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल होंगे। इन मतदाताओं ने समय पर गणना फॉर्म भरकर अपने नाम दर्ज कराए थे। वहीं दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपने नाम जुड़वाने या हटवाने के लिए आवेदन किया।


चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान 16,58,886 पात्र नागरिकों ने फॉर्म-6 भरकर जमा कराया। इनमें से 36,475 मतदाताओं ने अपना नाम सूची में जोड़ने के लिए दावा पेश किया, जबकि 2,17,049 मतदाताओं ने अपने नाम हटाने के लिए आवेदन किया।



सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के करीब तीन लाख मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने पर नोटिस भेजा गया। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। अंतिम सूची तैयार करते समय मृतक व्यक्तियों, स्थानांतरित मतदाताओं और दोहरी प्रविष्टि वाले नामों को हटाया गया है, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सही और अद्यतन हो।



चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भी जिनका नाम सूची में शामिल नहीं है, वे अपने नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए उन्हें फॉर्म-6 भरकर संबंधित क्षेत्र के बूथ स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) को जमा करना होगा।


यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है। चुनाव के दौरान नामांकन तिथि के अंतिम दिन से आठ दिन पहले तक यह सुविधा उपलब्ध रहती है। आवेदन मिलने के बाद सात दिनों तक उसका विवरण नोटिस बोर्ड पर चिपकाया जाता है। यदि इस दौरान कोई आपत्ति दर्ज नहीं होती है, तो निर्वाची पदाधिकारी आठवें दिन उस नाम को सूची में शामिल करने की अनुमति दे देते हैं। इसके बाद नया मतदाता भी मतदान कर सकता है।



विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे बड़े और जनसंख्या वाले राज्य में इतनी विशाल मतदाता सूची तैयार करना आसान कार्य नहीं है। आयोग ने इस बार सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया। मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना तथा दोहरी प्रविष्टियों को साफ करना उसी का हिस्सा है। आयोग की इस पहल से मतदाताओं को अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने में आसानी होगी। साथ ही राजनीतिक दलों को भी निष्पक्ष चुनावी माहौल में रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

संबंधित खबरें