ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

Chandra Grahan 2025: थोड़ी देर बाद साल का अंतिम चंद्रग्रहण, मंदिरों के कपाट बंद

साल का अंतिम खग्रास चंद्रग्रहण आज रात 9:57 बजे से 1:27 बजे तक रहेगा। सूतक काल दोपहर 12:57 से शुरू हो चुका है, जिसके चलते मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण के दौरान पूजा, भोजन और नए कार्य वर्जित माने जाते हैं।

बिहार
साल का अंतिम चंद्रग्रहण
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: आज का खग्रास चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे से प्रारंभ होकर देर रात 1:27 बजे तक रहेगा।  आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है।  करीब साढ़े 3 घंटे तक चंद्रग्रहण होगा। हालांकि चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू हो चुका है। 


सूतक काल लगने के बाद सभी मंदिरों के पट को बंद कर दिया गया है। मंदिर का पट चन्द्र ग्रहण की समाप्ति के बाद खुलेगा। ग्रहण के दौरान मूर्ति पूजा और मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित होता है। इसके अतिरिक्त, इस काल में भोजन पकाना या खाना, नए कार्यों की शुरुआत करना, तथा तुलसी के पौधे को छूना मना है।


गर्भवती महिलाओं को इस अवधि में चाकू या छुरी का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका नकारात्मक प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर हो सकता है। चंद्रग्रहण को नग्न आंखों से देखने से भी बचना चाहिए। ग्रहण काल से पहले भोज्य और पेय पदार्थों में कुश रखने की परंपरा है, जिससे ग्रहण की नकारात्मक किरणों का प्रभाव नहीं पड़ता।

टैग्स

संबंधित खबरें