PATNA: बीते दिनों पटना के सबसे बड़े अस्पताल में यूट्यूब मनीष कश्यप की पिटाई की गयी थी। पिटाई किसी आम लोगों ने नहीं बल्कि वहां के डॉक्टरों ने की थी। डॉक्टरों द्वारा मनीष कश्यप की पिटाई से बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय काफी आहत हैं और सोशल मीडिया पर उन्होंने एक व्यंग्य पोस्ट लिखा है। अपने पोस्ट के माध्यम से पिटाई करने वाले डॉक्टरों को परमवीर चक्र देने की अपील भारत सरकार से की है।
बता दें कि गुप्तेश्वर पांडेय बिहार के पूर्व डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद कथावाचक बन गये हैं। जब उन्हें इस घटना की जानकारी हुई तब उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर यूट्यूबर मनीष कश्यप की पिटाई करने वाले डॉक्टरों को परमवीर चक्र से सम्मानित करने की मांग केंद्र सरकार से कर दी।
उन्होंने एक व्यंग्य भरा फेसबुक पोस्ट लिखा है। जो इस प्रकार है...बिहार में मनीष कश्यप नाम के एक पत्रकार हैं। अभी एक डॉक्टर साहेब ने बताया कि पाकिस्तानी सेना के जनरल मौलाना मुनीर से मनीष के निजी संबंध है। पाकिस्तानी जनरल ने भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर का बदला लेने के लिए पटना के मनीष कश्यप को सेट कर गोला, बम, बारूद, मिसाइल और एटम बम के साथ अकेले पटना PMCH (Patna Medical College and Hospital ) को उड़ाने के लिए भेज दिया। मनीष को पीएमसीएच पर हमला कर उसको उड़ाना था। सैकड़ों डॉक्टर और हजारों मरीज की जिंदगी खतरे में थी। इसी बीच पीएमसीएच के डॉक्टरों को जनरल मुनीर की साजिश का पता चल गया।
सैकड़ों देशभक्त डॉक्टरों ने जान को जोखिम में डालकर देश के लिए शहादत देने का संकल्प लेते हुए बम, गोली, मिसाइल की परवाह किए बिना मनीष कश्यप पर हमला कर दिया, जो अकेले थे। उनको घायल किया लेकिन चूंकि वो हिंसा में विश्वास नहीं करते, इसलिए मनीष की हत्या नहीं की। अपने इस शौर्य पराक्रम से बहादुर डॉक्टर लोगों ने पीएमसीएच के सैकड़ों डॉक्टरों और हज़ारों मरीजों की जान बचा ली। पता चला है कि मनीष कश्यप के पास से Ak 47 सहित भारी संख्या में गोली, बम और मिसाइलें बरामद की गई हैं। वही बहादुर डॉक्टर लोग अब एटम बम की खोज कर रहे हैं, जो मनीष कश्यप लेकर गए थे। आशा है जल्दी उसकी भी बरामदगी हो ही जाएगी।
मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि पाकिस्तानी एजेंट आतंकवादी मनीष की पीएमसीएच को उड़ाने की योजना को जान जोखिम में डाल कर ध्वस्त करने के लिए उन डॉक्टरों को चिह्नित कर जीते जी उनको परमवीर चक्र देकर सम्मानित किया जाए। हमे ऐसे राष्ट्रभक्त, ओजस्वी, तेजस्वी, पराक्रमी डॉक्टरों पर गर्व है। उन्होंने बिहार ही नहीं, पूरे देश में अपने समुदाय का और देश का भी नाम रोशन किया है। बिहार या देश के चिकित्सकों के संघ ने भी अभी तक इन महापुरुषों को सम्मानित नहीं किया, ये चिंता की बात है। इससे इन वीरों का मनोबल गिरेगा। इस अभियान में भाग लेने वाले सभी डॉक्टर बंधुओं के पुरुषार्थ को मेरा विनम्र प्रणाम! जब तक ऐसे भारत मां के सपूत हैं, तब तक देश की आन, बान, शान को कोई खतरा नहीं।





