ब्रेकिंग
बांकीपुर उपचुनाव: पटना आते ही नितिन नवीन ने संभाली कमान, कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक, सीएम भी मिलने पहुंचेबांकीपुर में चुनाव, विदेश में बांकेलाल: डॉ. संतोष सुमन ने विपक्ष पर कसा तंज, कहा..हार होगी तब EVM पर ठीकरा फूटेगाबांकीपुर उपचुनाव: जानिए कितने पढ़े-लिखे हैं प्रशांत किशोर, हलफनामे में बताई पूरी एजुकेशनल डिटेलBihar Weather Alert: 14 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनीबांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना से लेकर सहरसा तक केस, हलफनामे में दी पूरी जानकारीबांकीपुर उपचुनाव: पटना आते ही नितिन नवीन ने संभाली कमान, कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक, सीएम भी मिलने पहुंचेबांकीपुर में चुनाव, विदेश में बांकेलाल: डॉ. संतोष सुमन ने विपक्ष पर कसा तंज, कहा..हार होगी तब EVM पर ठीकरा फूटेगाबांकीपुर उपचुनाव: जानिए कितने पढ़े-लिखे हैं प्रशांत किशोर, हलफनामे में बताई पूरी एजुकेशनल डिटेलBihar Weather Alert: 14 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनीबांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना से लेकर सहरसा तक केस, हलफनामे में दी पूरी जानकारी

Bihar Railway : बिहार के इस रेलखंड पर सफर के दौरान फ्री इंटरनेट, जानिए कैसे काम करता है सिस्टम और क्या है ख़ास ?

Indian Railways ने पूर्व मध्य रेलवे के तहत दानापुर से पटना रेल सेक्शन पर निरंतर फ्री Wi-Fi कवरेज का पायलट प्रोजेक्ट लागू किया। जानिए कैसे काम करता है यह सिस्टम और यात्रियों को क्या मिलते हैं फायदे।

Bihar Railway : बिहार के इस रेलखंड पर सफर के दौरान फ्री इंटरनेट, जानिए कैसे काम करता है सिस्टम और क्या है ख़ास ?
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar Railway : बिहार में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए Indian Railways ने पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत दानापुर से पटना के बीच रेल सेक्शन पर निरंतर फ्री Wi-Fi कवरेज का पायलट प्रोजेक्ट लागू किया था। इस पहल ने इसे राज्य के चर्चित रेल रूट्स में शामिल कर दिया।


क्या है परियोजना की खासियत?

आम तौर पर रेलवे स्टेशनों पर ही वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध रहती है, लेकिन इस प्रोजेक्ट में ट्रैक के साथ-साथ कई किलोमीटर तक इंटरनेट सिग्नल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। इसका उद्देश्य था कि यात्री ट्रेन में सफर के दौरान भी इंटरनेट से जुड़े रहें और कनेक्टिविटी बाधित न हो।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अपने प्रकार का लंबा निरंतर रेल Wi-Fi कवरेज देने वाला सेक्शन था। हालांकि इसे किसी अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं मिली, फिर भी तकनीकी प्रयोग के रूप में यह महत्वपूर्ण कदम माना गया।


कैसे काम करता है सिस्टम?

इस परियोजना के तहत रेल ट्रैक के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई। निर्धारित दूरी पर हाई-स्पीड एक्सेस प्वाइंट लगाए गए, जो ट्रेन की गति के अनुरूप सिग्नल का “हैंडओवर” करते हैं। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ती है, नेटवर्क एक डिवाइस से दूसरे में स्वतः ट्रांसफर हो जाता है, जिससे इंटरनेट कनेक्शन टूटता नहीं है।


यात्रियों को क्या लाभ?

सफर के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई या ऑफिस कार्य संभव। टिकट, ट्रेन स्टेटस और अन्य सेवाओं की तुरंत जानकारी। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए उपयोगी सुविधा। डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती। डिजिटल बदलाव की दिशा में संकेत। 


दानापुर–पटना सेक्शन पर यह पहल सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि रेलवे की डिजिटल सोच का उदाहरण रही। इससे यह संकेत मिला कि भविष्य में ट्रेन यात्रा केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि पूर्ण डिजिटल अनुभव भी हो सकती है। डिजिटल कनेक्टिविटी के इस मॉडल ने यह साबित किया कि बिहार भी तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में पीछे नहीं है।