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बिहार में दाखिल-खारिज के 9 लाख आवेदन लंबित, जल्द होगा निबटारा

PATNA : सूबे में तीन चार सालों में जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ने का आंकड़ा औसत है. साल 2018-19 में सूबे में 11 लाख 52 हजार 291 जमीन की रजिस्ट्री हुई थी तो वहीं इस साल मार्च स

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

PATNA : सूबे में तीन चार सालों में जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ने का आंकड़ा औसत है. साल 2018-19 में सूबे में 11 लाख 52 हजार 291 जमीन की रजिस्ट्री हुई थी तो वहीं इस साल मार्च से नवंबर तक 8 लाख 14 हजार 364 जमीन की रजिस्ट्री हुई है.  

पर सूबे में दाखिल- खारिज के मामले में अचानक बढ़ोतरी हुई है.  पिछले साल 12 लाख लोगों ने दाखिल खारिज कराने के लिए आवेदन दिया था तो वहीं इस साल अबतक 23 लाख लोगों ने दाखिल खारिज के लिए आवेदन दिया है. जिसे सॉल्व करने में कर्मचारियों के पसीने छुट रहे हैं.  

दाखिल खारिज के इतने आवेदन कैसे आ गये हैं इसकी जांच अधिकारी कराएंगे. वहीं अधिकारी का कहना है कि ऑनलाइन म्यूटेशन की सुविधा के कारण पुराने लोग भी आवेदन कर रहे हैं तो वहीं कुछ फर्जी आवेदन भी आ रहे हैं. जल्द ही इसका निबटारा कर लिया जाएगा. एक सप्ताह में परिमार्जन साफ्टवेयर की शुरुआत की जाएगी इससे लोगों को सुविधा मिलेगी. फिलहाल पूरे राज्य में करीब नौ लाख आवेदन लंबित पड़े हैं, जिनका निबटारा किया जाना है.