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कोरोना काल के बाद IGIMS में पहली बार बदली व्यवस्था, मरीजों को अब आइसोलेशन वार्ड में नहीं रहना होगा

PATNA : कोरोना संक्रमण के दौर में पटना के बड़े सरकारी अस्पताल आईजीआईएमएस में कई तरह के बदलाव किए गए थे। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पहले आइसोलेशन वार्ड में रहना पड़त

कोरोना काल के बाद IGIMS में पहली बार बदली व्यवस्था, मरीजों को अब आइसोलेशन वार्ड में नहीं रहना होगा
Anamika
2 मिनट

PATNA : कोरोना संक्रमण के दौर में पटना के बड़े सरकारी अस्पताल आईजीआईएमएस में कई तरह के बदलाव किए गए थे। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पहले आइसोलेशन वार्ड में रहना पड़ता था। अब आईजीआईएमएस के आइसोलेशन वार्ड को बंद कर दिया गया है। मरीजों को इलाज के लिए आने पर अब आइसोलेशन वार्ड में भर्ती नहीं होना पड़ेगा। ओपीडी में जाते ही मरीजों की कोरोना जांच हो जाएगी। 


आईजीआईएमएस प्रबंधन ने ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले ऐसे मरीज जिनको भर्ती की जरूरत होगी उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखने की बजाय कोरोना टेस्ट के बाद रिपोर्ट के आधार पर भर्ती करने या आगे का इलाज करने के लिए एडमिट लिया जाएगा। यह व्यवस्था बुधवार यानी आज से लागू हो जाएगी। अब तक आईजीआईएमएस में ऐसे मरीज जिन्हें एडमिट करना हो या जिनकी सर्जरी करनी हो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रखा जाता था। आइसोलेशन वार्ड में कोरोना जांच का सैंपल लिया जाता था और टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही उन्हें संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया जाता था। 


अस्पताल के अधीक्षक के डॉ मनीष मंडल के मुताबिक अब आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से हटा दिया गया है। सिर्फ गंभीर मरीजों के लिए ही आइसोलेशन आईसीयू काम करता रहेगा। ऑपरेशन के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को ओपीडी में ही कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें भर्ती करने और ऑपरेशन की कार्यवाई की जाएगी। ओपीडी अब पूरी क्षमता के साथ संचालित की जा रही है। आइसोलेशन वार्ड बंद होने से अब अस्पताल में पहले की तरह ज्यादा भीड़ भी उपलब्ध हो पाएंगे।