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कोरोना का लक्षण नहीं दिखना मुसीबत बन गया, 80 फीसदी मरीजों में कोई इंडिकेशन नहीं

PATNA : बिना लक्षण वाले कोरोना पीड़ितों की बढ़ती संख्या ने बिहार में बीमारी के संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। हॉस्पिटल में कोरोना पॉडिटिव होकर इलाज करा रहे लगभग 80 फीसदी लोगों

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : बिना लक्षण वाले कोरोना पीड़ितों की बढ़ती संख्या ने बिहार में बीमारी के संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। हॉस्पिटल में कोरोना पॉडिटिव होकर इलाज करा रहे लगभग 80 फीसदी लोगों में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण नहीं दिख रहे हैं। उन्हें न तो सर्दी-खांसी हुई गै और न सांस लेने में परेशानी जैसी कोई शिकायत है।


पीएमसीएच के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें तो जिनमें लक्षण नहीं है उनसे भी उतनी ही तेजी से संक्रमण फैल सकता है जितना सर्दी-खांसी या बुखार पीड़ित के संपर्क में आने से फैलता है। ऐसे लोग कम्यूनिटी स्प्रेड का बड़ा कारण अनजाने में बन सकता है। यह चिंता का बड़ा कारण है।


वहीं राज्य में कोरोना अस्पताल के तौर पर सामने आया एनएमसीएच के विशेषज्ञों का भी यहीं कहना है। एनएमसीएच में बिहारशरीफ से सोमवार को पाए गये 16 मरीजों में से 11 को कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिखा।  लेकिन ये सभी पॉजिटिव पाए गए। यह कोरोना संक्रमण उन्हें नजदीकी रिश्तेदार से फैला था। एनएमसीएच में अब तक 53 कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती हुए है इनमें से 22 पूरी तरह सहीं होकर घर वापस चले गये। इन मरीजों में 35 में किसी तरह का लक्षम नहीं दिखा। वहीं सूबे में मिले कोरोना के पहले मामले में मुंगेर के मरीज से संक्रमित हुए पटना के शरणम अस्पताल के कर्मी भी बताते है कि उन्हें भी इस तरह का लक्षण नहीं दिखा था। 


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