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नीतीश के सामने पहुंचा अजीबोगरीब मामला, बिहार के एक गांव को यूपी में शामिल करने की मांग

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार के दौरान यूं तो एक से बढ़कर एक मामले सामने आते हैं. लेकिन आज नीतीश कुमार के सामने एक अजीबोगरीब मामला आ गया. दरअसल बिहार के एक गांव को

नीतीश के सामने पहुंचा अजीबोगरीब मामला, बिहार के एक गांव को यूपी में शामिल करने की मांग
First Bihar
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PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार के दौरान यूं तो एक से बढ़कर एक मामले सामने आते हैं. लेकिन आज नीतीश कुमार के सामने एक अजीबोगरीब मामला आ गया. दरअसल बिहार के एक गांव को यूपी में शामिल करने की मांग सीएम नीतीश तक जा पहुंची. गोपालगंज के एक छोटे से गांव को यूपी में शामिल कर लिया जाए.


दरअसल गोपालगंज के रहने वाले एक शिक्षक आज मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में पहुंचे. इनका गांव उत्तर प्रदेश की सीमा के बिल्कुल पास है. बुजुर्ग शिक्षक ने सीएम नीतीश कुमार से मांग रखी कि उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जिला उनके गांव से महज 1 किलोमीटर दूर है. ऐसे में बेहतर होगा कि उनके गांव को यूपी में शामिल कर दिया जाए. सीएम नीतीश भी इस मांग को सुनकर थोड़ी देर के लिए चौंक गए. उन्हें समझ में नहीं आया कि वह इसका क्या जवाब दें. आखिरकार उन्होंने बुजुर्ग शिक्षक को अधिकारियों के पास भेज दिया. 


गोपालगंज से आए बुजुर्ग शिक्षक ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह प्रधानाध्यापक के रह चुके हैं. अब सेवानिवृत्ति के बाद लगातार जनसेवा का काम करते हैं. लेकिन उनका मानना है कि गांव की भौगोलिक परिस्थिति इस बात का संकेत देती है कि उसे बिहार की बजाय यूपी में होना चाहिए. सीएम नीतीश के सामने आज वह यही मांग लेकर पहुंचे थे.


नीतीश कुमार के सामने शायद ही पहले कभी ऐसा कोई मामला आया है कि बिहार के किसी गांव या किसी हिस्से को अन्य राज्य में शामिल करने की मांग रखी जाए. यह मांग पूरी करना असंभव है. इसके बावजूद नीतीश कुमार ने धैर्य के साथ बुजुर्ग शिक्षक को अधिकारियों के पास भेज दिया.