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BPSC की बड़ी कार्रवाई: कदाचार के आरोप में 3 अभ्यर्थी पांच साल के लिए डिबार, 2031 तक परीक्षा पर बैन

BPSC ने कदाचार के आरोप में नालंदा, सारण और पटना के तीन अभ्यर्थियों को पांच साल के लिए डिबार कर दिया है। अब तीनों 6 अगस्त 2031 तक आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

BPSC Exam
© File
Mukesh Srivastava
2 मिनट

BPSC Exam: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने परीक्षा में कदाचार के मामले में तीन अभ्यर्थियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने सोमवार को तीनों अभ्यर्थियों को पांच साल के लिए डिबार कर दिया। अब वे 6 अगस्त 2031 तक BPSC की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।



यह कार्रवाई सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी के पद के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में कदाचार के आरोप के बाद की गई है। इस पद के लिए 60 रिक्तियों के विरुद्ध 23 अप्रैल को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।



कदाचार के मामले में आयोग ने नालंदा के रौशन कुमार, सारण के राजेंद्र कुमार और पटना के नितिन राज के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आयोग ने तीनों को निर्धारित अवधि के लिए अपनी परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया।



पांच साल के डिबार के चलते तीनों अभ्यर्थी 6 अगस्त 2031 तक आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस अवधि में BPSC की ओर से आयोजित होने वाली नई भर्तियों में भी वे आवेदन और परीक्षा प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। आयोग ने कार्रवाई के बाद तीनों डिबार अभ्यर्थियों की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक की है। इसमें अभ्यर्थियों के नाम, पिता का नाम और पता जैसी जानकारी शामिल है।



BPSC की इस कार्रवाई से परीक्षा में कदाचार और अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ आयोग की सख्ती का संदेश गया है। आयोग समय-समय पर परीक्षा में अनियमितता और कदाचार के मामलों में अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है। इस मामले में भी तीन अभ्यर्थियों को पांच वर्ष के लिए डिबार कर आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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FIRST BIHAR

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