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बिहार के गांवों में जल्द लागू हो सकती है नई टैक्स व्यवस्था, सालाना इतने पैसे वसूलेंगी ग्राम पंचायतें; क्या है सरकार का प्लान?

Bihar News: बिहार में गांवों में भी नगर निकायों की तर्ज पर हाउस टैक्स लागू करने की तैयारी है। नई व्यवस्था के तहत हर घर से औसतन 1200 रुपये सालाना टैक्स वसूला जाएगा।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में अब नगर निकायों की तर्ज पर गांवों में भी टैक्स वसूला जाएगा। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत सभी ग्राम पंचायतें प्रत्येक घर से औसतन 1,200 रुपये सालाना टैक्स वसूलेंगी। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी होल्डिंग टैक्स समेत अन्य स्थानीय कर लागू किए जाएंगे। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। अब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।


दरअसल, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की सिफारिश की है। इसके तहत पंचायतों को अपने स्तर पर राजस्व जुटाने के लिए स्थानीय कर वसूलने की व्यवस्था विकसित करनी होगी। माना जा रहा है कि भविष्य में वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदान राशि में भी कटौती संभव है, इसलिए पंचायतों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।


नई व्यवस्था के तहत गांवों में साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए टैक्स लिया जाएगा। साथ ही 'हर घर नल का जल' योजना के तहत जलापूर्ति के लिए भी अनिवार्य शुल्क वसूला जाएगा।


टैक्स की दर भवन के प्रकार और उपयोग के आधार पर तय होगी। आवासीय भवनों पर व्यावसायिक भवनों की तुलना में कम टैक्स लगेगा, जबकि व्यावसायिक भवनों का कर बाजार और व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। मुख्य सड़क पर स्थित भवनों और गलियों में बने भवनों के टैक्स में भी अंतर हो सकता है।


इसके अलावा, ग्राम पंचायतों के बाजार क्षेत्र में स्थित आवासीय भवनों पर सुदूर ग्रामीण इलाकों के मकानों की तुलना में अधिक टैक्स लगाया जा सकता है। वहीं, जिन भवनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, उन पर अधिक कर देना होगा।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता