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Bihar Vehicle Rules 2025: बिहार में दूसरे राज्यों की गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं, इन नियमों का पालन नहीं किया तो धो बैठेंगे अपने वाहन से हाथ

Bihar Vehicle Rules 2025: बिहार में दिल्ली, मुंबई या अन्य राज्यों की गाड़ी चलाने वालों के लिए सख्त नियम। बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ी जब्त हो सकती है। जानिए नियम और बचाव के तरीके...

Bihar Vehicle Rules 2025
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Bihar Vehicle Rules 2025: बिहार की सड़कों पर अगर आप दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य की नंबर प्लेट वाली गाड़ी चला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। बिहार परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। अगर आपने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के नियमों का पालन नहीं किया, तो आपकी गाड़ी किसी भी वक्त जब्त हो सकती है। हर साल 20-25 हजार गाड़ियां दूसरे राज्यों से बिहार आती हैं, लेकिन केवल 5% मालिक ही इनका रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। अब परिवहन विभाग ने सीसीटीवी और डिजिटल डेटाबेस के जरिए गैर-कानूनी गाड़ियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। 


बिहार में दूसरे राज्य की गाड़ी चलाने के लिए आपको कुछ जरूरी नियम मानने होंगे। गाड़ी बिहार लाने के 7 दिनों के भीतर अपने जिले के डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिस को सूचित करना अनिवार्य है। इसके अलावा, मूल राज्य के RTO से NOC लेकर बिहार में गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। साथ ही, रोड टैक्स का भुगतान और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना भी जरूरी है। परिवहन विभाग के मुताबिक, ज्यादातर लोग इन नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसके चलते अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। अगर गाड़ी 12 महीने से ज्यादा समय से बिहार में चल रही है और रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ, तो उसे जब्त किया जा सकता है।


इसके अलावा परिवहन विभाग ने गैर-बिहार गाड़ियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। टोल प्लाजा और शहरों में लगे सीसीटीवी कैमरे, जो ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम से लैस हैं, इन गाड़ियों की नंबर प्लेट स्कैन करते हैं। हर जिले के DTO में गैर-बिहार गाड़ियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसमें गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, मालिक का नाम, और बिहार में प्रवेश की तारीख दर्ज की जाती है। अगर मालिक ने नियमों का पालन नहीं किया, तो पहले कारण बताओ नोटिस जारी होगा। गैर-कानूनी गाड़ियों पर भारी जुर्माना भी लग सकता है, जिसमें रोड टैक्स का दोगुना या तीन गुना तक वसूला जा सकता है।


बताते चलें कि लोगों के बीच दूसरे राज्यों की गाड़ी चलाने का चलन कई कारणों से बढ़ा है। पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश, या दिल्ली में गाड़ियों की कीमत और रोड टैक्स कम होने के कारण लोग वहां से वाहन खरीदते हैं। कुछ लोग जागरूकता की कमी या नियमों की अनदेखी के चलते बिहार में रजिस्ट्रेशन से बचते हैं। पर्यटक या अस्थायी रूप से बिहार में रहने वाले लोग भी किराए की गाड़ियां इस्तेमाल करते हैं, जो अक्सर दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड होती हैं। लेकिन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 12 महीने से ज्यादा समय तक किसी अन्य राज्य में गाड़ी चलाना गैर-कानूनी है, और अब बिहार सरकार इस पर सख्त कार्रवाई कर रही है।


गाड़ी जब्त होने से बचने के लिए आपको तुरंत कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, DTO को गाड़ी की जानकारी दें और फॉर्म 20 के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करें। मूल राज्य से NOC लें और बिहार RTO में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करवाएं। रोड टैक्स ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करें और HSRP नंबर प्लेट के लिए 'बुक माय HSRP' वेबसाइट पर अप्लाई करें। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, और PUC की कॉपी हमेशा साथ रखें।