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Traffic Rules : सावधान! गाड़ी पर जाति लिखवाना पड़ सकता है भारी, बिहार में ₹2000 जुर्माने का आदेश जारी

बिहार में अब गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर लगाना महंगा पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों पर ₹2000 तक जुर्माने का आदेश दिया है। साथ ही AI कैमरों से निगरानी बढ़ेगी।

Traffic Rules : सावधान! गाड़ी पर जाति लिखवाना पड़ सकता है भारी, बिहार में ₹2000 जुर्माने का आदेश जारी
Tejpratap
Tejpratap
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Traffic Rules : अगर आपकी गाड़ी पर भी जातिसूचक शब्द लिखे हैं या फिर किसी खास जाति से जुड़ा स्टीकर लगा है, तो अब सावधान हो जाइए। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क पर चलने वाले किसी भी वाहन पर जातिसूचक शब्द, नारे या पहचान दर्शाने वाले स्टीकर अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। नियम तोड़ने वालों पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।


परिवहन विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी वाहन मालिक एक महीने के भीतर अपने वाहनों से ऐसे शब्द और स्टीकर हटा लें। विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर इस तरह के जातीय प्रदर्शन से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है और इससे अनावश्यक विवाद की स्थिति भी बन सकती है। इसी वजह से अब इसे लेकर सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया है।


अधिकारियों के मुताबिक, तय समय सीमा खत्म होने के बाद ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। इस दौरान शहरों से लेकर हाईवे तक वाहनों की जांच होगी। जिन वाहनों पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर पाए जाएंगे, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला जाएगा।


परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहन से ऐसे स्टीकर या लिखावट हटा लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का कहना है कि सड़क पर सभी लोगों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।


इधर, राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और सख्त बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है। परिवहन विभाग अब राज्यभर में करीब 700 नए स्थानों पर एआई कैमरों से लैस आईटीएमएस यानी इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए नए स्थानों की पहचान जल्द शुरू की जाएगी।


विभाग ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों यानी डीटीओ को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे स्थानों की सूची तैयार करें जहां ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की घटनाएं ज्यादा होती हैं। पहले से तय स्थानों के अलावा नए संभावित इलाकों को भी चिन्हित करने के लिए कहा गया है।


राज्य परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया है कि इस काम में ट्रैफिक पुलिस की मदद भी ली जाए ताकि उन जगहों को प्राथमिकता मिल सके जहां दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं या जहां निगरानी की विशेष जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।


इस हाईटेक सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। खास बात यह है कि इन कैमरों में फेसियल रिकग्निशन और सर्विलांस जैसी सुविधाएं भी होंगी। यानी कैमरे सिर्फ वाहन नंबर ही नहीं, बल्कि लोगों के चेहरों की पहचान भी कर सकेंगे। इससे बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान होगा। विभाग का मानना है कि इस तकनीक के जरिए अपराधियों की निगरानी में भी काफी मदद मिलेगी। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन राज्य के किसी हिस्से से गुजरता है तो कैमरों के जरिए उसकी जानकारी तुरंत मिल सकेगी।


सरकार की योजना है कि इस सिस्टम को राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्यीय राजमार्गों, बड़े शहरों और प्रमुख टोल प्लाजा पर लागू किया जाए। इससे सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।