Bihar STF: इजरायल की तरह दुश्मनों का खात्मा करेगी बिहार STF, नक्सल और अपराधियों की अब खैर नहीं

Bihar STF: बिहार STF को कॉर्नर शॉट, नाइट विजन, वॉल रडार जैसे 12 अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने के लिए 4.97 करोड़ रुपये हुए मंजूर। नक्सल और अपराधियों पर अब होगी सटीक कार्रवाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 07, 2025, 7:23:53 AM

Bihar STF

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar STF: बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स अब इजराइली तकनीक से प्रेरित अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस होकर और भी घातक बनने जा रही है। राज्य सरकार ने STF की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए 12 प्रकार के हाईटेक हथियारों और उपकरणों की खरीद के लिए ₹4.97 करोड़ की मंजूरी पहले ही दे दी है। इनमें सबसे खास है 'कॉर्नर शॉट वेपन सिस्टम', जो जवानों को बिना सामने आए दुश्मन को निशाना बनाने की क्षमता देता है। यह तकनीक आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्पेशल फोर्सेज के पास ही देखी जाती है।


कॉर्नर शॉट वेपन सिस्टम एक क्रांतिकारी हथियार है, जिसमें कैमरा, स्क्रीन और ट्रिगर सिस्टम होता है। यह हथियार जवान को कोने के पीछे छिपकर सटीक निशाना लगाने की सुविधा देता है, जिससे शहरी घेराबंदी, बंधक संकट या नक्सल ऑपरेशनों में जोखिम कम होगा। STF के लिए इसकी दो यूनिट खरीदी जा रही हैं। इसके अलावा 10 नाइट विजन डिवाइस रात के अंधेरे में ऑपरेशन को आसान बनाएंगे, जबकि 10 नॉन-लीथल इनकैपेसिटिंग डिवाइस बिना गोली चलाए अपराधियों को निष्क्रिय करेंगे। वॉल रडार सिस्टम दीवारों के पीछे छिपे अपराधियों की गतिविधियों का पता लगाएगा।


STF को अन्य उपकरणों में एलइडी ड्रैगन लाइट, 5 वॉट डिजिटल वॉकी-टॉकी, टैक्टिकल गॉगल्स, डे बाइनाकुलर, जीपीएस ट्रैकर, बुलेटप्रूफ वेस्ट और लाइटवेट टेंट भी मिलेंगे। ये उपकरण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, संगठित अपराध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में STF की प्रभावशीलता को बढ़ाएंगे। कुछ उपकरणों की खरीद पहले ही हो चुकी है और शेष के लिए 13 जून 2025 को भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर ₹4,97,03,525 की स्वीकृति दी गई है। इन उपकरणों से STF की तकनीकी और रणनीतिक क्षमता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। 


यह पहल बिहार पुलिस को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कॉर्नर शॉट जैसे हथियार और नाइट विजन जैसे उपकरण STF को जटिल परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाएंगे। बिहार में नक्सलवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियानों को देखते हुए ये उपकरण जवानों की सुरक्षा और ऑपरेशन की सफलता सुनिश्चित करेंगे।