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Shiv Circuit Bihar : बिहार में तैयार हो रहा शिव सर्किट, हरिहरनाथ, उगना महादेव समेत लिस्ट में इन मदिरों का नाम भी लिस्ट में शामिल; यहां देखें पूरी सूची

बिहार सरकार शिव सर्किट बनाने की तैयारी में है। प्रसिद्ध शिव मंदिरों को जोड़ा जाएगा और सड़क संपर्क बेहतर किया जाएगा, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

Shiv Circuit Bihar : बिहार में तैयार हो रहा शिव सर्किट, हरिहरनाथ, उगना महादेव समेत लिस्ट में इन मदिरों का नाम भी लिस्ट में शामिल; यहां देखें पूरी सूची
Tejpratap
Tejpratap
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Shiv Circuit Bihar : बिहार में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में “शिव सर्किट” के निर्माण की पहल शुरू कर दी गई है। बुधवार को बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में अलग-अलग सवालों के जवाब में सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी।


पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि राज्य में स्थित पौराणिक और प्रसिद्ध शिव मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए बेहतर सड़क संपर्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए पहले विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, फिर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि केंद्र से भी सहयोग प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जिन मंदिरों तक पहुंचने में अभी भी आवागमन की दिक्कत है, वहां आवश्यकतानुसार नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों का सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा।


विधान परिषद में पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि शिव सर्किट के लिए जिलों से प्रमुख शिव मंदिरों की सूची मांगी गई है। विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय और ऐतिहासिक महत्व वाले मंदिरों को भी इस सर्किट में शामिल किया जा सके।


राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के सुप्रसिद्ध शिवालयों को एक धार्मिक पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जाए। इसमें सोनपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, मधुबनी के भवानीपुर स्थित उगना महादेव मंदिर और रहिका का कपिलेश्वर मंदिर, हाजीपुर के जढुआ का पतालेश्वर महादेव मंदिर, भागलपुर का बूढ़ानाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर का गरीबनाथ मंदिर, सुल्तानगंज का बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, दरभंगा का कुशेश्वर स्थान शिव मंदिर और मधेपुरा का सिंघेश्वर महादेव मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल किए जाने की संभावना है।


इसके अलावा बक्सर का बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, लखीसराय का अशोक धाम मंदिर और शिवहर का देकुली शिव मंदिर भी इस सर्किट में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि जो मंदिर अभी सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें स्थानीय लोकप्रियता और ऐतिहासिक महत्व के आधार पर जोड़ा जाएगा।


बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अंतर्गत राज्य में 61 शिवालय चिन्हित हैं। हालांकि, अब तक पर्यटन विभाग ने इनकी सूची प्राप्त करने के लिए औपचारिक रूप से बोर्ड से संपर्क नहीं किया है। बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन के नेतृत्व में पिछले वर्ष श्रावण मास में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे मंदिरों में आने वाले भक्तों को सुविधा मिली।


विशेष रूप से मधुबनी के सौराठ स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर में सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचे थे।


शिव सर्किट बनने से राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। बिहार सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।