Bihar News: बिहार में जल्द ही सात नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग और विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग प्रशासनिक और विधिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं। प्रस्तावित विश्वविद्यालयों के संचालन और स्थापना से जुड़े जरूरी कार्यों को जल्द पूरा करने की तैयारी है।
भागलपुर जिले के कहलगांव में विक्रमशिला सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए 200 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अस्तित्व में आने के बाद बिहार में सेंट्रल यूनिवर्सिटी की संख्या बढ़कर चार हो जाएगी। वर्तमान में राज्य में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी, पंचानपुर (गया) और डॉ. राजेंद्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पूसा संचालित हैं।
20 जुलाई को कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय और भागलपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब दोनों विश्वविद्यालयों को शुरू करने के लिए विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से प्रशासनिक और अकादमिक कार्यों से जुड़ी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। इसके लिए विशेषज्ञों के नेतृत्व में दो टीमें भी गठित की गई हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 जून को पटना विश्वविद्यालय के साइंस कॉलेज में यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज की स्थापना की घोषणा की थी। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यह बिहार की पहली यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज होगी।
इसके अलावा पटना स्थित एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा देने और बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की सहमति ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने 27 अगस्त को बिहार में महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी घोषणा की थी। इस विश्वविद्यालय की खासियत यह होगी कि यहां प्राध्यापक से लेकर कुलपति और अन्य सभी पदों पर केवल महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी। यह राज्य का पहला महिला विश्वविद्यालय होगा।
इसके अलावा 26 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चाणक्य के नाम पर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट स्थापित करने की घोषणा की थी। इसके लिए भी प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य बिहार में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना और विभिन्न आधुनिक एवं विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में नए शैक्षणिक संस्थान विकसित करना है।





