Bihar Satellite Township: बिहार सरकार ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत दी है। जिन लोगों की जमीनें सैटेलाइट टाउनशिप में चली गई हैं उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपको बेटी की शादी करनी है या घर में कोई बड़ी विपदा आ गई है तो सिर्फ एक आवेदन करने पर सरकार आपकी जमीन का चार गुना पैसा तत्काल आपके खाते में ट्रांसफर कर देगी।
दरअसल, बिहार की राजधानी पटना 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप को विसकित किया जाना है। सरकार ने इसको लेकर काम भी शुरू कर दिया है और जमीनों को चिन्हित करने का काम जारी है। सरकार ने ऐसे इलाकों में अगले एक साल तक जमीन बेचने और खरीदने पर रोक लगा दिया है। जमीनों की खरीद बिक्री पर रोक के बाद लोगों के मन में इस बात को लेकर कई तरह के सवाल हैं।
ऐसा माना जा रहा है की जमीन की खरीद बिक्री पर रोक से जमीन मालिकों के सामने बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है और वे अपनी जमीन को नहीं बेच पा रहे हैं। कई ऐसे जमीन मालिक हैं जिन्हे या तो बेटी की शादी करनी है या फिर परिवार में कोई बड़ी विपदा आ गई है लेकिन वे अपनी जमीन को नहीं बेच पा रहे हैं। ऐसे लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सोनपुर में सीएम सम्राट चौधरी ने आज बड़ा एलान किया है।
सोनपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि अगर टाउनशिप में हमारी जमीन चली गई है, हमारे घर में बेटी की शादी करनी है तो हम ऐसे लोगों को आस्वस्थ करते हैं। हमारे पदाधिकारी काम कर रहे हैं। जिन लोगों के घर में विपदा, आपदा या बेटी की शादी करनी होगी। आप जिलाधिकारी को आवेदन दीजिएगा, चार गुना पैसा आपके घर में और बैंक अकाउंट में पहुंचाने का काम किया जाएगा। सीएम ने कहा कि किसी को भी कोई दिक्कत नहीं होगी। दुनिया के स्तर पर हमें इन इलाके को ले जाना है। इन इलाकों के कॉमर्शियल जोन बनाना है।
बता दें कि बिहार की राजधानी 11 जलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है।पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में 31 मार्च 2027 तक जमीन बिक्री पर रोक लगाई गई है, जबकि मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में 30 जून 2027 तक रोक प्रभावी रहेगी।
बिहार सरकार ने राज्य में प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इन टाउनशिप के दायरे में आने वाली जमीन के मालिक किसान इस परियोजना में भागीदार होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टाउनशिप क्षेत्र में कोई भी किसान भूमिहीन नहीं होगा। किसानों को उनकी जमीन का 55 प्रतिशत हिस्सा विकसित कर वापस दिया जाएगा।



