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Bihar Cabinet Meeting: बिहार के इन 5 जिलों में अब ग्रामीण SP की होगी तैनाती, सम्राट सरकार ने ऐसा क्यों लिया फैसला ?

बिहार सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने अपराध और सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के पद सृजित करने को मंजूरी दे दी है।

 Bihar Cabinet Meeting: बिहार के इन 5 जिलों में अब ग्रामीण SP की होगी तैनाती, सम्राट सरकार ने ऐसा क्यों लिया फैसला ?
Tejpratap
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Bihar Cabinet : बिहार के पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पद का सृजन किया गया है। अपराध एवं सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील राज्य के पांच जिले, पूर्वी चंपारण,समस्तीपुर, मधुबनी,वैशाली एवं सिवान में अब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक का पद सृजित किया गया है। बिहार कैबिनेट में आज इसपर मुहरलगी है।


गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिलों में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल पांच नए पद सृजित किए जाएंगे। इन सभी जिलों को अपराध और साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अलग पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति होने से कानून-व्यवस्था पर अधिक प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।


बताया जा रहा है कि इन जिलों में लगातार बढ़ते अपराध, भूमि विवाद, साम्प्रदायिक तनाव और सीमावर्ती गतिविधियों को देखते हुए लंबे समय से अतिरिक्त प्रशासनिक निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। खासकर पूर्वी चंपारण और सीवान जैसे जिलों में सीमावर्ती गतिविधियों और संगठित अपराध की चुनौतियां बनी रहती हैं, जबकि वैशाली, समस्तीपुर और मधुबनी में भी समय-समय पर अपराध और सामाजिक तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं।


सरकार के इस फैसले के बाद अब संबंधित जिलों में शहरी और ग्रामीण पुलिस प्रशासन का अलग-अलग संचालन संभव हो सकेगा। इससे पुलिस अधिकारियों पर कार्यभार कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति से थानों की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और आम लोगों को न्याय मिलने में तेजी आएगी।


गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में संवेदनशील जिलों में पुलिस प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे।


राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य के अन्य बड़े और संवेदनशील जिलों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है। फिलहाल सरकार के इस कदम को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।