ब्रेकिंग
इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦शराब तस्कर से यारी पड़ी भारी: स्मगलर के साथ केक काटते दिखे थानाध्यक्ष और दारोगा, वीडियो वायरल होते ही SP ने किया सस्पेंड✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦शराब तस्कर से यारी पड़ी भारी: स्मगलर के साथ केक काटते दिखे थानाध्यक्ष और दारोगा, वीडियो वायरल होते ही SP ने किया सस्पेंड

सड़कों और पुलों के लिए 21 हजार करोड़ मंजूर, उत्तर बिहार की परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

Bihar News: बिहार सरकार ने सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी है। इस फंड से मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार की कई लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और नए पुलों व सड़कों का निर्माण तेज होगा।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में सड़क और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पथ निर्माण विभाग ने राज्य सरकार की गारंटी पर विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 21 हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।



इस भारी-भरकम वित्तीय पैकेज से मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार में लंबित और निर्माणाधीन सड़क एवं पुल परियोजनाओं के काम में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य राज्य के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाना है।



स्वीकृत 21 हजार करोड़ रुपये में से 15 हजार करोड़ रुपये बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को दिए जाएंगे। 6 हजार करोड़ रुपये बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को आवंटित किए जाएंगे। पथ निर्माण विभाग ने इस संबंध में औपचारिक संकल्प जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को नियमों और शर्तों की जानकारी दे दी है।



सरकार द्वारा लिया जाने वाला यह ऋण किस्तों में वापस किया जाएगा। इसके लिए अधिकतम 25 वर्ष की समय सीमा तय की गई है। ऋण की वापसी के लिए राज्य सरकार ‘बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली 2026’ के तहत सड़कों और पुलों से मिलने वाले टोल टैक्स का इस्तेमाल करेगी।



इस फंड का सबसे बड़ा लाभ मुजफ्फरपुर जिले की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिलने वाला है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले अखाड़ाघाट पुल के नए निर्माण, दादर पुल के पुनर्निर्माण, माड़ीपुर आरओबी की मरम्मत जैसे कार्यों में तेजी आएगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।



वित्तीय पैकेज के तहत मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के फतेहाबाद में बूढ़ी गंडक नदी पर महासेतु निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। करीब 5 अरब रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस पुल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण से पारू और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।



मुजफ्फरपुर जिले में BSRDCL की ओर से करीब 8 अरब रुपये की लागत से हथौड़ी-अतरार-बभनगामा-औराई पथ का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। अब फंड उपलब्ध होने के बाद जमीन मालिकों (रैयतों) को मुआवजे का भुगतान तेजी से किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य बिना बाधा के आगे बढ़ सकेगा। सरकार का मानना है कि इस वित्तीय व्यवस्था के बाद फंड की कमी के कारण कोई भी सड़क या पुल परियोजना प्रभावित नहीं होगी और राज्य में कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता