PATNA: सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रधान सचिव, गृह विभाग पंकज कुमार तथा पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में सभी जिला नोडल एडीजी, आईजी एवं डीआईजी के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान राज्य के 40 पुलिस जिलों में क्षेत्र भ्रमण (फील्ड विजिट) पर गए 36 वरीय पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अपने भ्रमण के दौरान किए गए अवलोकनों एवं प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।
इस क्रम में प्रत्येक पुलिस जिले में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों (क्राइम स्पॉट) को चिन्हित किया गया तथा संबंधित क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण एवं पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की गई। राज्य में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, नारकोटिक्स एवं साइबर क्राइम की रोकथाम तथा पुलिसिंग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्तुतीकरण के दौरान किशनगंज पुलिस द्वारा संचालित ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ पहल की जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से आमजनों के साथ सुबह भ्रमण कर उनसे संवाद स्थापित किया जाता है। जनसंवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में इस पहल को सकारात्मक प्रयास के रूप में रेखांकित किया गया तथा अन्य जिलों को भी स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के सकारात्मक पहल संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस दौरान प्रधान सचिव, गृह विभाग ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना अध्यक्ष (एसएचओ) को अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन जिलों से वरीय पदाधिकारियों को टैग किया गया है, वे संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) सुनिश्चित करते हुए पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करें।
नारकोटिक्स तथा साइबर क्राइम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा गश्ती से संबंधित अभिलेखों का समुचित एवं अद्यतन संधारण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष एवं वायरलेस सिस्टम को सक्रिय एवं प्रभावी रूप से संचालित रखने पर विशेष जोर दिया गया।
अपराध नियंत्रण में समन्वित प्रयास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी दोपहिया एवं चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपातकालीन पुलिस सेवा एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में न्यायालय द्वारा पारित कुर्की संबंधी आदेशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि न्यायालय से प्राप्त किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में नारकोटिक्स के संगठित कार्टेल से संबंधित गतिविधियों के संबंध में विशेष जानकारी एकत्रित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित इकाइयों एवं जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
इस बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं पुलिसिंग की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रभावी, जवाबदेह एवं समन्वित कार्यप्रणाली अपनाने का निर्देश दिया गया। डीजीपी ने पर्यटन स्थलों एवं सेल्फी पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती एवं नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने इन स्थलों पर पुलिस की तैनाती एवं गश्ती व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए ‘सुपर पेट्रोलिंग’ की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पुलिस महानिदेशक के स्तर से सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद हेतु बैठक आयोजित करने के निदेश भी दिए गए।





