ब्रेकिंग
Bihar police : सुबह-सुबह मुजफ्फरपुर में एनकाउंटर से हड़कंप, वाहन जांच के दौरान बदमाश से मुठभेड़; आरोपी घायलBihar News: नौकरी, पढ़ाई और इलाज के लिए सफर होगा आसान, शुरू हुई नई अमृत भारत एक्सप्रेसBihar News: रौशन आनंद गिरफ्तारी मामले में बड़ा मोड़! मानवाधिकार आयोग ने पटना SSP को भेजा नोटिस, 2 हफ्ते में मांगा जवाबBihar News : बिहार सरकार का बड़ा फैसला, विजिलेंस टीम मजबूत; अब इंस्पेक्टरों को मिले गिरफ्तारी के अधिकारBihar News : पटना वालों के लिए बड़ी खबर! 22 जून से नेहरू पथ की एक लेन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें नया ट्रैफिक प्लानBihar police : सुबह-सुबह मुजफ्फरपुर में एनकाउंटर से हड़कंप, वाहन जांच के दौरान बदमाश से मुठभेड़; आरोपी घायलBihar News: नौकरी, पढ़ाई और इलाज के लिए सफर होगा आसान, शुरू हुई नई अमृत भारत एक्सप्रेसBihar News: रौशन आनंद गिरफ्तारी मामले में बड़ा मोड़! मानवाधिकार आयोग ने पटना SSP को भेजा नोटिस, 2 हफ्ते में मांगा जवाबBihar News : बिहार सरकार का बड़ा फैसला, विजिलेंस टीम मजबूत; अब इंस्पेक्टरों को मिले गिरफ्तारी के अधिकारBihar News : पटना वालों के लिए बड़ी खबर! 22 जून से नेहरू पथ की एक लेन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें नया ट्रैफिक प्लान

Bihar News : अब काम दिखाओ, ज्यादा पैसा पाओ! बिहार की पंचायतों के लिए आया नया फॉर्मूला, 20% तक मिलेगा अतिरिक्त फंड

बिहार की ग्राम पंचायतों को अब प्रदर्शन के आधार पर 20% तक अतिरिक्त राशि मिलेगी। 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 के लिए 51,923 करोड़ रुपये की अनुशंसा की है, जिससे गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

Bihar News : अब काम दिखाओ, ज्यादा पैसा पाओ! बिहार की पंचायतों के लिए आया नया फॉर्मूला, 20% तक मिलेगा अतिरिक्त फंड
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 16वें वित्त आयोग की नई अनुशंसाओं के तहत पंचायतों को मिलने वाली विकास राशि के वितरण का तरीका बदलने की तैयारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं में प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।


नई नीति के अनुसार पंचायतों को अब केवल आबादी और सामान्य मानकों के आधार पर ही नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन के आधार पर भी फंड दिया जाएगा। पंचायतें यदि स्थानीय स्तर पर राजस्व बढ़ाने, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विकास कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं तो उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह अतिरिक्त राशि कुल आवंटन का 20 प्रतिशत तक हो सकती है।


ग्राम पंचायतों को सबसे बड़ा फायदा

फंड वितरण के नए फॉर्मूले में ग्राम पंचायतों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दी गई है। पहले यह हिस्सा 70 प्रतिशत था। वहीं पंचायत समितियों और जिला परिषदों के हिस्से में कमी की गई है। पहले दोनों संस्थाओं को 15-15 प्रतिशत राशि मिलती थी, लेकिन अब उन्हें 10-10 प्रतिशत हिस्सा ही मिलेगा।


पंचायती राज विभाग का मानना है कि गांव स्तर पर विकास कार्यों का सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए अधिक संसाधन ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि सड़क, नाली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सके।


प्रदर्शन आधारित फंडिंग पर रहेगा जोर

नई व्यवस्था में सभी पंचायतों को एक निश्चित आधार राशि मिलेगी, लेकिन अतिरिक्त अनुदान उन्हीं पंचायतों को मिलेगा जो विकास और संसाधन जुटाने में बेहतर प्रदर्शन करेंगी। इससे पंचायतों को आत्मनिर्भर बनने और स्थानीय आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदर्शन आधारित वित्तीय सहायता से पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता आएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति भी तेज होगी।


स्वच्छता और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान

16वें वित्त आयोग ने फंड खर्च करने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। कुल अनुदान का 50 प्रतिशत हिस्सा टाइड फंड के रूप में रहेगा। इस राशि का उपयोग केवल स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर किया जा सकेगा।


शेष 50 प्रतिशत राशि अनटाइड फंड के रूप में उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग स्थानीय जरूरतों और ग्रामसभा के प्रस्तावों के अनुसार किया जा सकेगा। हालांकि इस धनराशि का उपयोग वेतन, मानदेय या अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए नहीं किया जाएगा।


पांच वर्षों में मिलेगी रिकॉर्ड राशि

वित्त आयोग ने बिहार के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 51,923 करोड़ रुपये की अनुशंसा की है। यह राशि पिछले वित्त आयोग की तुलना में करीब 20 हजार करोड़ रुपये अधिक है। कुल राशि में 41,539 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट के रूप में तथा 10,384 करोड़ रुपये प्रदर्शन आधारित अनुदान के रूप में शामिल हैं। फंड वितरण के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है। इसके अनुसार राज्य की लगभग 8.5 करोड़ ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखकर संसाधनों का आवंटन किया जाएगा।


गांवों में दिखेगा विकास का नया मॉडल

नई वित्तीय व्यवस्था लागू होने के बाद गांवों में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, सोलर स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, जिम और पेयजल योजनाओं जैसे कार्यों पर व्यापक निवेश किया जाएगा।


सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई वित्तीय सहायता और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन से पंचायतें अधिक जवाबदेह बनेंगी तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित होंगे। इससे बिहार के गांवों में विकास की तस्वीर पहले से कहीं अधिक मजबूत और आधुनिक दिखाई दे सकती है।