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Panchayat Election : पंचायत चुनाव की बड़ी अपडेट! आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, गाइडलाइन जारी; बिहार में बदलेंगे पंचायतों के समीकरण;जानें पूरी टाइमलाइन

बिहार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, 2011 जनगणना के आधार पर प्रपत्र-एक का प्रकाशन होगा, जानें पूरी टाइमलाइन।

Panchayat Election : पंचायत चुनाव की बड़ी अपडेट! आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया शुरू, गाइडलाइन जारी; बिहार में बदलेंगे पंचायतों के समीकरण;जानें पूरी टाइमलाइन
Tejpratap
Tejpratap
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Panchayat Election : पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण रोस्टर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करते हुए सभी जिलों को प्रपत्र-एक के प्रकाशन का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा और उसी के अनुसार पंचायत चुनाव की रूपरेखा तय होगी।


आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रपत्र-एक का प्रकाशन पूरी तरह त्रुटिरहित होना चाहिए और सभी कार्य डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे। इससे डेटा की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी। आयोग का कहना है कि पूर्व में वर्ष 2015 में भी प्रपत्र-एक का प्रकाशन किया गया था और वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव उसी आधार पर कराए गए थे। लेकिन इसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा कई ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकायों में शामिल कर दिया गया, जिससे पंचायतों की संरचना में बदलाव आया है। इसी कारण अब नए सिरे से डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से प्रपत्र-एक का प्रकाशन किया जा रहा है।


जारी कार्यक्रम के अनुसार 27 अप्रैल को वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रपत्र-एक का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 11 मई तक इस पर आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन 14 मई तक किया जाएगा। इसके बाद 18 से 22 मई के बीच अपील वादों का निपटारा होगा। सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद 25 मई को प्रपत्र-एक का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। वहीं 29 मई को इन आंकड़ों को जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा, जिससे इसे आधिकारिक मान्यता मिल सके।


इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है, ताकि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी स्तर पर गलती या तकनीकी त्रुटि न हो, जिससे आगे चलकर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो।


इसी के साथ बिहार में 2026 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला परिषद से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक सभी पदों के लिए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके अलावा चुनाव से पहले अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।


जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल से चुनावी प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है। अलग-अलग प्रमंडलों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। पटना और तिरहुत प्रमंडल में 12 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जबकि मगध, मुंगेर और भागलपुर प्रमंडल में 16 अप्रैल से प्रशिक्षण शुरू होगा। वहीं कोसी, पूर्णिया, दरभंगा और सारण प्रमंडल में 17 अप्रैल से अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।


राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि प्रशिक्षित अधिकारियों की मौजूदगी से चुनाव प्रक्रिया अधिक सुचारु और निष्पक्ष होगी। साथ ही डिजिटल प्रणाली के उपयोग से पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकेगी।