Bihar News: ..तो विशेष निगरानी इकाई का एक्शन हवा-हवाई ? SVU ने 'खान मंत्री' के PS के खिलाफ दर्ज किया था DA केस...जांच में नहीं मिले सबूत, हुए बरी

Bihar News: विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच कोर्ट में टिक नहीं पाई। आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री जनक राम के PS मृत्युंजय कुमार को क्लीनचिट, विभागीय कार्रवाई समाप्त और पूरा वेतन रिलीज।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Tue, 06 Jan 2026 12:16:19 PM IST

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Bihar News: विशेष निगरानी इकाई का केस जांच में टिक नहीं पा रहा. दो अधिकारियों के खिलाफ दर्ज डीए केस को न्यायालय ने रद्द कर दिया, वहीं तत्कालीन मंत्री के सरकारी आप्त सचिव के केस में विशेष निगरानी इकाई के जांच अधिकारी (IO) को कोई सबूत ही नहीं मिला. कोर्ट में फाइनल फार्म जमा करने के बाद निगरानी अदालत ने एसवीयू की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया. इसके बाद जिस अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया था, उन्हें क्लिनचिट मिल गई। निगरानी अदालत के फैसले के बाद सरकार ने तत्कालीन मंत्री के पीएस के खिलाफ चल रही अनुशासनिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया है. साथ ही पूर्ण वेतन रिलीज कर दिया है.   

..तो विशेष निगरानी इकाई का एक्शन हवा हवाई ?  

बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग के तत्कालीन मंत्री जनक राम के सरकारी आप्त सचिव मृत्युंजय कुमार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था. इसके बाद उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. विशेष निगरानी इकाई की प्रतिवेदन के आलोक में मृत्युंजय कुमार को 1 दिसंबर 2021 को निलंबित कर अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी. मृत्युंजय कुमार से 8 मार्च 2022 को लिखित जवाब मांगा गया. लिखित जवाब से असंतुष्ट होकर सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 जून 2022 के प्रभाव से अनुशासनिक कार्यवाही संचालित की थी. जिसमें मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था. 

SVU ने पहले केस किया, आईओ को जांच में नहीं मिले सबूत 

लगभग ददो साल निलंबित रखने के बाद 11 जनवरी 2024 के प्रभाव से आरोपी अधिकारी मृत्युंजय कुमार को निलंबन मुक्त किया गया. विशेष निगरानी इकाई के पुलिस अधीक्षक ने 16 मेई 2025 को सामान्य प्रशासन विभाग को जानकारी दी थी कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज केस सं- 4/21 में 9 दिसंबर 2024 को अंतिम प्रतिवेदन (साक्ष्य के अभाव में) विशेष निगरानी न्यायालय में समर्पित किया गया है. जांच आयुक्त ने भी अपनी रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया, जिसमें गठित आरोपों को अप्रमाणित बताया. जांच प्रतिवेदन की समीक्षा में विशेष निगरानी इकाई द्वारा निगरानी न्यायालय पटना में समर्पित की गई अंतिम प्रतिवेदन के आलोक में अपना निर्णय दिया .कोर्ट ने कहा, ''अंतिम रिपोर्ट  9 दिसंबर 2024 को इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई. मामले के अभिलेख में अभियुक्तों के विरुद्ध आगे की कार्यवाही के लिए कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। तदनुसार, जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार किया जाता है और इस मामले का अभिलेख निपटारा किया जाता है।''

तत्कालीन मंत्री के पीएस के खिलाफ तमाम मामले खत्म,पूर्व वेतन मिलेगा  

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित अनुशासनिक कार्रवाई में संचालन पदाधिकारी ने मंत्री के आप्त सचिव रहे मृत्युंजय कुमार के खिलाफ गठित आरोपों को अप्रमाणित पाया. साथ ही विशेष निगरानी न्यायालय ने भी विशेष निगरानी इकाई द्वारा समर्पित अंतिम प्रतिवेदन (साक्ष्य के अभाव) को स्वीकार करते हुए मामले को निष्पादित किया. इसके बाद मुख्य सचिव के स्तर पर 10 दिसंबर 2025 को समीक्षा की गई। जिसमें मृत्युंजय कुमार के खिलाफ संचालित विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई को समाप्त करने, उनके निलंबन अवधि को सभी प्रयोजनों के लिए विनियमित करने और पूर्ण वेतन भुगतान की अनुशंसा की गई. इस आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 जनवरी 2026 को खान एवं भूतत्व विभाग के तत्कालीन मंत्री के पीएस को पाक साफ होने का पत्र जारी कर दिया.