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Bihar News: ओवैसी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा "बिहार में चुपके से लागू हो रहा NRC"

Bihar News: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में चुपके से NRC लागू करने का चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है। नए नियमों से सीमांचल के लोगों को वोटर लिस्ट से हटाने की जताई आशंका।

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असदुद्दीन ओवैसी
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Deepak Kumar
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Bihar News: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया है कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुपके से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लागू किया जा रहा है। ओवैसी ने इसे गरीबों, खासकर सीमांचल क्षेत्र के लोगों के खिलाफ क्रूर मजाक करार दिया है, जिससे लाखों वैध भारतीय नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।


ओवैसी ने कहा है कि नई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में हर नागरिक को अपने और माता-पिता की जन्म तारीख व स्थान के दस्तावेज देना होगा। यह गरीबों के लिए मुश्किल है, क्योंकि केवल 75% जन्म पंजीकृत होते हैं और सरकारी दस्तावेजों में त्रुटियां आम हैं। सीमांचल जैसे गरीब क्षेत्रों में यह और भी कठिन है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 1995 के लाल बाबू हुसैन मामले का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया कि नागरिकता साबित करने के लिए सीमित दस्तावेजों पर निर्भरता नहीं हो सकती और बिना उचित प्रक्रिया के किसी को वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता है।


चुनाव आयोग के नए नियमों के अनुसार 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोगों को 11 स्वीकृत दस्तावेजों में से एक देना होगा। 1987 से 2004 के बीच जन्मे लोगों को अपनी और एक माता-पिता की जन्म जानकारी देनी होगी। 2004 के बाद जन्मे लोगों को दोनों माता-पिता के दस्तावेज और गैर-भारतीय माता-पिता के पासपोर्ट/वीजा की कॉपी देनी होगी। ओवैसी ने इसे अव्यवहारिक बताया, क्योंकि बिहार जैसे बड़े और कम कनेक्टिविटी वाले राज्य में एक महीने में घर-घर जांच असंभव है।


ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू किया है, जिसमें 1 अगस्त 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और 30 सितंबर 2025 को अंतिम सूची प्रकाशित होगी। बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में संभावित हैं, लेकिन तारीखों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।