DELHI: बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले कुछ दिनों में सीएम पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं. नीतीश इसका ऐलान खुद कर चुके हैं. लेकिन नीतीश के बाद सीएम की खाली कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसको लेकर जेडीयू ने बड़ा ऐलान कर दिया है. जेडीयू के इस ऐलान से बीजेपी की नींद उड़ सकती है. जेडीयू ने साफ कहा है कि सरकार में हिस्सेदारी का जेडीयू और बीजेपी के बीच का पुराना फार्मूला बना रहेगा.
नीतीश के सबसे करीबी मंत्री का बड़ा बयान
नीतीश कुमार के सबसे करीबी माने जाने वाले मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आज दिल्ली में मीडिया से बात की. उनसे पूछा गया कि नीतीश के इस्तीफे के बाद कौन नया सीएम होगा. विजय चौधरी ने कहा - ये बिहार NDA में शामिल पांचों पार्टियां मिल कर तय करेंगी कि कौन नया सीएम बनेगा. किसी एक दल के चाहने से कोई सीएम नहीं बन जाएगा.
कल लौटेंगे नीतीश, फिर होगी बैठक
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार आज यानि 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. नीतीश 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे. इसके बाद दो -तीन दिनों तक बैठक और राय मशविरा का काम चलेगा. इसके बाद नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा देंगे. फिर NDA के विधायकों की बैठक होगी, जिसमें न्यू नेता का नाम चुना जाएगा. अभी ये तय नहीं है कि कौन नया सीएम बनेगा.
मैं दावेदार नहीं
विजय कुमार चौधरी से मीडिया ने पूछा कि उनका नाम भी सीएम पद के दावेदारों में शामिल हैं. विजय चौधरी ने कहा कि ऐसा कह कर अपलोगों ने मुझे खुश कर दिया है. मैं कहीं से भी सीएम पद का दावेदार नहीं हूं.
नई सरकार में बीजेपी और जेडीयू की हिस्सेदारी तय
मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार में बीजेपी और जेडीयू की क्या हिस्सेदारी होगी ये तय है. दोनों पार्टियों के बीच सत्ता में साझेदारी का फार्मूला पहले से ही तय है.
हरिवंश के बारे में जानकारी नहीं
विजय कुमार चौधरी ने जेडीयू के पूर्व राज्यसभा सांसद हरिवंश नारायण सिंह को राष्ट्रपति की ओर से फिर से राज्यसभा में मनोनीत किए जाने पर अनभिज्ञता जताई. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें मनोनीत किया है और जेडीयू की इसमें कोई भूमिका नहीं है.
बता दें कि दो बार जेडीयू की ओर से राज्यसभा सांसद रह चुके हरिवंश को इस बार पार्टी ने राज्यसभा नहीं भेजा है. हरिवंश के स्थान पर खुद नितीश कुमार राज्यसभा गए हैं. 9 अप्रैल को हरिवंश का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हुआ है और उसके तुरंत बाद उन्हें राष्ट्रपति कोटे से सांसद बना दिया गया है. जेडीयू कह रही है कि उसे इसकी कोई खबर नहीं थी.






