20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार लेंगे शपथ, तैयारियों का CM ने लिया जायजा

बिहार में एनडीए को भारी जीत मिली है और अब 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे। डिप्टी सीएम समेत कई मंत्री भी शपथ लेंगे। तैयारी युद्धस्तर पर जारी है और मुख्यमंत्री ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 18, 2025, 4:46:32 PM

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20 को पटना में बड़ा उत्सव - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: बिहार की जनता ने एनडीए को भारी मतों से विजयी बनाया है। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 20 नंवबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पद और गोपनियता की शपथ लेंगे। साथ ही डिप्टी सीएम सहित कई मंत्री भी शपथ लेंगे। 


इसकी तैयारी गांधी मैदान में युद्धस्तर पर जारी है। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान पहुंचे। उनके साथ सम्राट चौधरी,नीतिन नवीन, बीजेपी के प्रभारी विनोद ताबड़े सहित कई नेता मौजूद रहे। इस दौरान पटना डीएम, एसपी के साथ-साथ कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। 


बता दें कि बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद 20 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। पटना के गांधी मैदान में नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कार्यक्रम को भव्य रूप देने की तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं। शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने की संभावना है।


बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि समारोह में करीब दो से तीन लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बुधवार को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद 20 नवंबर को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न होगा। 


इस समारोह में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और समाज के गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। जायसवाल ने कहा कि मतदाताओं ने एनडीए को अभूतपूर्व समर्थन दिया है, इसलिए व्यापक स्तर पर जनता को भी आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई सरकार विकसित बिहार के सपने को साकार करने का संकल्प लेगी।


आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुने जाने पर जायसवाल ने कहा कि यदि वे नेता प्रतिपक्ष बनते हैं, तो उन्हें अपनी भूमिका अनुशासनपूर्वक निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल विरोध करना नहीं, बल्कि राज्य के विकास में सकारात्मक सहभागिता निभाना भी है।