ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

बिहार में हजारों करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर संकट, इस विभाग ने अटका दिया बड़ा रोड़ा

PATNA: बिहार में करीब 50 हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर संकट के बादल छा गए हैं। वन विभाग की एक बड़ी शर्त सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बिहार में सड़क में वन भूमि के उपयोग

बिहार में हजारों करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर संकट, इस विभाग ने अटका दिया बड़ा रोड़ा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार में करीब 50 हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर संकट के बादल छा गए हैं। वन विभाग की एक बड़ी शर्त सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बिहार में सड़क में वन भूमि के उपयोग के बदले गैर वन भूमि देने की सरकार की शर्त गले की हड्डी बनती जा रही है। इस शर्त के कारण राजमार्ग निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक लग गई है।


दरअसल, बिहार में केंद्र सरकार के नए नियम के कारण सड़कों के निर्माण में परेशानी सामने आ रही है। पुराने नियम के मुताबिक सड़क निर्माण में जितने पेड़ों की कटाई होती थी उससे दोगुने पेड़ लगाने के लिए सरकार को वन विभाग को पैसे देने पड़ते थे लेकिन पिछले साल केंद्र सरकार के वन मंत्रालय ने इसमें एक नई शर्त जोड़ दी।


पेड़ लगाने के पैसा और नकद राशि के साथ साथ यह भी प्रावधान किया गया कि सड़कों के निर्माण में जितनी वन भूमि का इस्तेमाल होगा, उतनी जमीन सरकार को वन निभाग को उपलब्ध कराना होगा, ताकि उस भूमि में वन को विकसित किया जा सके। वन मंत्रालय की इस शर्त का बिहार सरकार ने पहले ही विरोध जताया था और इसे किसी भी सूरत में सही करार नहीं दिया था।


राज्य सरकार का स्पष्ट कहना था कि बिहार में इस नियम का अगर पालन किया गया तो सड़कों का निर्माण नहीं हो सकेगा। बिहार सरकार का कहना है कि जिन सड़क परियोजनाओं को परिवेश पोर्टल पर नए नियम के लागू होने से पहले अपलोड किया गया है, उस पर यह शर्त लागू नहीं हो हालांकि वन विभाग तमाम परियोजनाओं पर इस नियम को लागू करना चाह रहा है। ऐसे में बिहार में करीब 50 हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर ब्रेक लगने की संभावना जताई जा रही है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें