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चुनावी साल में बिजली की नई दरों का झटका हल्का होगा, मीटर रेंट से भी मिल सकती है राहत

PATNA : बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। चुनावी साल में बिजली की दरों का झटका हल्का होगा इस बात की उम्मीद पहले से जताई जा रही है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग बि

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

PATNA : बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। चुनावी साल में बिजली की दरों का झटका हल्का होगा इस बात की उम्मीद पहले से जताई जा रही है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग बिजली की नई दरों का निर्धारण करेगा लेकिन यह माना जा रहा है कि उपभोक्ताओं को हर महीने देने वाले मीटर रेंट में बड़ी राहत मिल सकती है। 


बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने मीटर रेंट के नाम पर एक मोटी रकम देनी पड़ती है। विद्युत विनियामक आयोग इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि मीटर रेंट से उपभोक्ताओं को निजात दिला दी जाए। बिहार में एक करोड़ 58 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता है और बिजली कंपनियां मीटर रेंट के नाम पर हर उपभोक्ता से रकम वसूलती है। मीटर रेंट वसूले जाने की कोई समय सीमा नहीं है लिहाजा उपभोक्ताओं पर इसका अतिरिक्त भार पड़ता है। 


बिहार विद्युत नियामक आयोग का मानना है कि बिजली कंपनियां थोक भाव में मीटर की खरीद करती हैं जिसकी वजह से उन्हें कम पैसे देने पड़ते हैं। जबकि उपभोक्ताओं को बिना किसी तय समय सीमा के हर महीने मीटर रेंट का भुगतान करना होता है। संभव है कि आयोग यह प्रस्ताव दे कि उपभोक्ताओं से बिजली कंपनियां कनेक्शन लेते वक्त ही एक बार में मीटर चार्ज ले लें। बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक एक मीटर की कीमत लगभग 11 से 12 सौ रुपए होती है, आने वाले दिनों में अगर स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा तो इसकी कीमत तकरीबन ढाई हजार होगी। अगर मीटर रेंट के तौर पर इसकी वसूली उपभोक्ताओं से की जाए तब भी दो से तीन वर्षों में मीटर की कीमत निकल आएगी।