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Bihar MDM Scheme : अब नहीं होगी वेतन की टेंशन! स्कूलों में काम करने वाले इनलोगों को अब इस तरह से मिलेगी हर सूचना; बैंक के चक्कर खत्म

बिहार में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के तहत कार्यरत रसोइया सह सहायकों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें हर महीने वेतन भुगतान की सूचना सीधे मोबाइल पर एसएमएस के जरिए मिलेगी, जिससे बैंक और अधिकारियों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

Bihar MDM Scheme : अब नहीं होगी वेतन की टेंशन! स्कूलों में काम करने वाले इनलोगों को अब इस तरह से मिलेगी हर सूचना; बैंक के चक्कर खत्म
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar MDM Scheme : बिहार में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के तहत कार्यरत लाखों रसोइया सह सहायकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब उन्हें हर महीने वेतन भुगतान की जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए मिलेगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने को लेकर मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।


दरअसल, लंबे समय से रसोइया सह सहायकों को वेतन भुगतान से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं मिल पाने की शिकायत सामने आ रही थी। उन्हें यह पता नहीं चल पाता था कि किस महीने का भुगतान किस महीने में किया गया है। इस वजह से उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे या संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने के लिए संपर्क करना पड़ता था। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की भी बर्बादी होती थी, साथ ही कई बार उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था।


मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय को इस समस्या से अवगत कराया गया था। रसोइया समूहों ने भी इस मुद्दे को कई बार विभाग के समक्ष उठाया था। रसोइयों का कहना था कि वेतन भुगतान की जानकारी समय पर मिलने से उनकी परेशानियां काफी हद तक कम हो सकती हैं। उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए निदेशालय ने नई एसएमएस सूचना प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।


नई व्यवस्था के तहत जैसे ही किसी रसोइया सह सहायक का वेतन उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा, उसी समय उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए इसकी सूचना दे दी जाएगी। इससे उन्हें तुरंत पता चल सकेगा कि उनका भुगतान हो चुका है या नहीं। इससे न केवल उनकी बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।


विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह पहल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी। साथ ही इससे रसोइयों का भरोसा भी मजबूत होगा। जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी रसोइया सह सहायकों के सही मोबाइल नंबर अपडेट किए जाएं, ताकि एसएमएस सेवा सुचारू रूप से संचालित हो सके।