1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 01, 2025, 9:05:10 AM
Land sarvey news - फ़ोटो File photo
Bihar land sarvey: बिहार में जमीन सर्वे को लेकर हर दिन कोई न कोई नया अपडेट निकलकर सामने आता रहता है। इसी कड़ी में अब जो अपडेट सामने आए हैं उसके मुताबिक अब दाखिल खारिज में अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी।
जानकारी के मुताबिक बिहार में छोटे-मोटे कारणों से लंबित दाखिल-खारिज के मामलों का निबटारा 31 मार्च तक हो जाएगा।
विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आयी कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की ओर से दाखिल खारिज मामले में बिना मेरिट पर विचार किए लंबे समय तक लंबित रखा जाता है, जो उचित नहीं है।
वहीं,b इससे रैयतों को अनावश्यक परेशानी होती है और विभाग की बदनामी होती है। ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर मार्च 2025 तक निष्पादन करने का आदेश सभी समाहर्ता को दिया गया है।
यह दिशा निर्देश दाखिल-खारिज के अपील वादों के त्वरित निष्पादन के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को दिया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस संबंध में सभी समाहर्ता को पत्र लिखा है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के जिन मामलों में मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचलाधिकारी को पुन सुनवाई का आदेश पारित करते हुए अपील वाद को शीघ्र निष्पादित किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है। आवेदन के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकबा घटाया जाना है, उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होते हैं। ऐसे मामलों के लिए 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के न्यायालय में अपील का प्रावधान है।